
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। गुरु विरजानन्द वैदिक गुरुकुल, इन्दौर (मध्यप्रदेश) में संस्कृत दिवस श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। डॉ. आचार्य भानु प्रताप वेदालंकार के सान्निध्य एवं आचार्य प्रणवीर शास्त्री के ब्रह्मत्व में गुरुकुल के ब्रह्मचारियों ने वैदिक यज्ञ किया तथा नवीन यज्ञोपवीत धारण किए। यज्ञ के मुख्य यजमान श्री दिनेश श्रीवास्तव एवं श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव थे।

संस्कृत दिवस के अवसर पर श्री हरीश शास्त्री (मुम्बई) ने अपने उद्बोधन में कहा, “संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, अपितु हमारी जीवनशैली है। संस्कृत वाणी देववाणी है और संस्कृत हमारे जीवन का प्राण है। अतः हमें संस्कृत भाषा को अपने जीवन में आत्मसात् करना चाहिए।”

इस अवसर पर अनन्या एवं लावण्या ने सभी को राखी बाँधकर रक्षाबन्धन पर्व भी मनाया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों एवं ब्रह्मचारियों ने भोजन-प्रसादी ग्रहण की।
कार्यक्रम में अशोक शास्त्री, राकेश शास्त्री, सावित्री चौहान, शान्ति मनीषा विद्यालंकार, गायत्री सोलंकी सहित अनेक गणमान्य नागरिक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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