
मीडिया हेड डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने बताया कि तीन दिन तक यह समारोह मीडिया से जुड़े सभी पक्षों प्रिंट, टीवी, डिजिटल, विज्ञापन, पीआर, सिनेमा, प्रबंधन, कम्प्यूटर, न्यू मीडिया टेक्नॉलॉजी और स्थापित सफल उद्यमों पर केंद्रित है। आज के विद्यार्थियों से इन क्षेत्रों में कॅरिअर की संभावनाओं पर चर्चा के लिए विषय विशेषज्ञ देश भर से आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राजनीति, प्रशासन, मीडिया, सिनेमा और उद्योग में अपनी धाक जमाने वाले पूर्व विद्यार्थियों का पहला समूह "अभ्युदय' के विशेषज्ञों में शामिल होगा। ऐसी 50 विभूतियाँ, जो ढाई-तीन दशक पहले देश के सभी राज्यों से आए और भोपाल के इसी विश्वविद्यालय से उनकी संघर्ष यात्रा शुरु हुई थी। उनके अनुभवों से विद्यार्थियों को यह देखना रोमांचक और प्रेरक होगा कि इसी विश्वविद्यालय से पढ़कर निकले छोटे गाँव-कस्बों के युवाओं ने अपनी लगन और मेहनत से किस प्रकार अपने कॅरिअर में उल्लेखनीय लक्ष्य प्राप्त किए। इनकी एक झलक हाल में प्रकाशित चर्चित पुस्तक "माखन के लाल' में दिखाई दी। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि इस श्रृंखला में हर विधा में स्थापित दीर्घ अनुभवी पूर्व विद्यार्थी विश्वविद्यालय की नई पीढ़ी के बीच लगातार बुलाए जाएंगे। "अभ्युदय 2025' में प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास सहित मीडिया की अनेक हस्तियां विद्यार्थियों के बीच आई थीं।

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