नित्य संदेश, मेरठ। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरख परिवार द्वारा आज कमिश्नरी पार्क, मेरठ में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। हवन के पश्चात सभी भक्तों में खीर के प्रसाद का वितरण किया गया।
इस अवसर पर गोरख परिवार के राष्ट्रीय संयोजक महेंद्र नाथ उपाध्याय ने गुरु गोरखनाथ महाराज की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जितनी भी गुरु-शिष्य परंपराएं हैं, वे सभी आदिनाथ भगवान शिव और उनके शिव स्वरूप परम पूज्य महायोगी, महासिद्ध साक्षात शिव स्वरूप बाबा गुरु गोरखनाथ महाराज से ही फलीभूत हुई हैं। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े चक्रवर्ती सम्राट भी बाबा गोरखनाथ के शिष्य बनकर पूजनीय हो गए और लोक देवता के रूप में पूजे जाते हैं। गुरु गोरखनाथ की महिमा हर युग में है, प्रत्येक युग में उनका प्राकट्य हुआ है। भारत के कोने-कोने में उनके मठ, मंदिर और जागृत धूने हैं।
महेंद्र नाथ उपाध्याय ने कहा कि गुरु गोरखनाथ ने नवनाथ, 12 पंथ, 84 सिद्ध, 64 योगिनी, 52 भैरव सहित जनमानस को योग की अनेक परिभाषाएं दीं। उन्होंने भारत भूमि को योग से परिभाषित किया और योग के लाखों मार्ग दुनिया को दिए। उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ महाराज, दादा गुरु मछिंद्रनाथ महाराज के शिष्य हैं। यदि किसी को योग मार्ग पर जाना है तो वह गुरु गोरखनाथ के श्रीचरणों में आए। उनके द्वारा दिखाया गया योग मार्ग आज भी लोगों को सही दिशा दे रहा है। 'जाग मछंदर गोरख आया' का अर्थ है माया और बाहरी आडंबर को त्याग कर अंतरमन में जाना, आत्मा और परमात्मा को जानना ही योग का सच्चा मार्ग है। उन्होंने कहा कि नाथ संप्रदाय गृहस्थ भी है और विरक्त भी। नाथ समाज देश के हर लोकसभा, विधानसभा, शहर और गांव में निवास करता है और इनकी जनसंख्या लगभग 20 करोड़ के आसपास है। कलियुग के प्रभाव में गुरु गोरखनाथ द्वारा प्रतिपादित मूल्यों से ही समाज टेंशन मुक्त हो सकता है और योगयुक्त होकर रोगमुक्त रह सकता है। इसलिए प्रत्येक घर में हवन-यज्ञ और बालकों में योग का प्रचार होना चाहिए।
इस अवसर पर अवधेश उपाध्याय, कैप्टन राजपाल सिंह, अक्षय जैन, चौधरी यशपाल सिंह, नरेश चौधरी, प्रियांश उपाध्याय, सुरेंद्र उपाध्याय, वंश उपाध्याय, बुद्ध प्रकाश गुप्ता, शिवानी उपाध्याय, दीवान गिरी गोस्वामी, मनोज, आकाश सक्सेना, विष्णु यादव, बार के पूर्व महामंत्री अमित दीक्षित सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

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