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Friday, July 3, 2026

जल है तो जीवन है... — रविंद्र तंवर "सूर्योदय"

नित्य संदेश

जल है तो जीवन है

जल है तो है जीवन

जल से जीवन का आधार।

थोड़ा समय निकाल कर,

चलो करें, इसका आभार।।


जब बरसे ये मेघा बन कर,

तपती धरती शीतल हो जाती।

सुखी बंजर भूमि पर भी,

तब हरियाली मुस्कुराती।।


बिन पानी के मच जाता है,

चहूं दिशा में हाहाकार।

थोड़ा समय निकाल कर ,

चलो करे इसका आभार।।


नित दिनचर्या के काम सब,

पानी से ही हो पाते है।

वेद - पुराण सदियों से ही,

जल को देवता बताते है।।


तरसे न बूंद - बूंद कोई,

करो संरक्षित, न बहाव अपार।

आज थोड़ा समय निकाल कर,

चलो करे जल का आभार।।



— रविंद्र तंवर "सूर्योदय"

बड़वाह (म. प्र.)

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