प्रमोद कुमार तेवतिया
नित्य संदेश, गाजियाबाद/मोदीनगर। दिल्ली मंडल में पिछले कई दिनों से रेल इंजनों के गेट पर लगने वाले हैंडल लॉक की हो रही चोरी का रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने खुलासा किया है। इस मामले में RPF ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर 16 कीमती हैंडल लॉक बरामद किए हैं। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (समन्वय) दिल्ली मंडल आशुतोष पाण्डेय के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
ऐसे पकड़ा गया गैंग -
दिनांक 21.07.2026 को गुलधर रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़े इंजन पर उप निरीक्षक प्रवेन्द्र कुमार और उनकी टीम को सादे कपड़ों में तैनात किया गया था। टीम ने आरोपी रामप्रताप वर्मा को रंगे हाथों इंजन से हैंडल लॉक चोरी करते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में उसने पूरे गैंग का खुलासा कर दिया।
रिटायर्ड इंजीनियर है मास्टरमाइंड -
पूछताछ में सामने आया कि इस गैंग का सरगना अनिल वीर गौतम है, जो रेलवे इलेक्ट्रिक लोको शेड गाजियाबाद से कैरिज एवं वैगन विभाग के वरि. खंड अभियंता के पद से सेवानिवृत्त है। वह विजय कुमार सोनी और रामप्रताप के साथ मिलकर गैंग चला रहा था।
आरोपी गाजियाबाद, गुलधर, दादरी आदि स्टेशनों पर खड़े इंजनों को निशाना बनाते थे। शक से बचने के लिए अनिल वीर गौतम अपने गुर्गों को लोको पायलट की वर्दी और नकली पहचान पत्र पहनाकर भेजता था। बाजार में एक हैंडल लॉक की कीमत लगभग 56,000 रुपये है।
रामप्रताप की निशानदेही पर गाजियाबाद से अनिल वीर गौतम और विजय कुमार सोनी को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से पहले चोरी किए गए लॉक बरामद हुए। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर गाजियाबाद में कबाड़ी अशरफ की दुकान पर छापा मारकर 16 हैंडल लॉक बरामद किए गए।
RPF अधिकारियों के अनुसार इंजन के गेट के हैंडल लॉक चोरी होने से इंजन की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया था, जिससे कोई बड़ी घटना भी हो सकती थी।
सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 05/26 रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3 के तहत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट मोदीनगर पर दर्ज किया गया है।
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