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Saturday, July 4, 2026

आतंकवाद पर भारत का चौतरफा प्रहार: मोदी सरकार ने 23 पाकिस्तान स्थित गुर्गों को UAPA के तहत 'आतंकवादी' घोषित किया

• केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लेते हुए पाकिस्तान स्थित 23 गुर्गों को यूएपीए (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है।

नित्य संदेश एजेंसी 

​नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत पाकिस्तान स्थित 23 संदिग्ध गुर्गों को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। मंत्रालय द्वारा जारी अलग-अलग राजपत्र (Gazette) अधिसूचनाओं के अनुसार, ये सभी आरोपी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में बैठकर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, जमात-उद-दावा और अल-कायदा जैसे कुख्यात संगठनों के लिए काम कर रहे हैं।

​खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों से मिले पुख्ता इनपुट्स के बाद तैयार की गई इस सूची में 17 पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं, जबकि शेष 6 मूल रूप से भारतीय नागरिक हैं जो पूर्व में देश छोड़कर भाग चुके हैं। ये सभी आरोपी वर्तमान में सीमा पार शरण लेकर भारत के खिलाफ आतंकी नेटवर्क संचालित करने, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, ड्रोन के माध्यम से हथियारों की तस्करी करने, सीमा पार से घुसपैठ कराने और टारगेट किलिंग व मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गंभीर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने में लिप्त हैं।

​2019 के UAPA संशोधन के तहत मिली शक्तियों के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन आतंकियों की भारत में मौजूद संपत्तियों को कुर्क करना, इनके वित्तीय मददगारों पर नकेल कसना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाकर पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाना बेहद आसान हो जाएगा। इस ताजा कार्रवाई के बाद यूएपीए के तहत व्यक्तिगत रूप से आतंकवादी घोषित किए गए अपराधियों की कुल संख्या अब 80 हो गई है, जिससे सीमा पार बैठे आतंकियों के स्थानीय नेटवर्क और उनके नापाक हौसलों पर बहुत करारी चोट पहुंचेगी।

​• भारत के मूल निवासी (जो वर्तमान में पाकिस्तान में शरण लिए हैं)

​इस सूची में शामिल भारतीय मूल के आतंकियों में कुलगाम का फिरदौस अहमद भट शामिल है, जो 2018 में वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भागा था। इसके साथ ही अनंतनाग का रहने वाला हारून रशीद गनई (शुनू) और सोपोर का बिलाल अहमद मीर (अहमद भाई) भी शामिल हैं, जो सीमा पार से कश्मीर घाटी में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और ओजीडब्ल्यू (OGW) नेटवर्क को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। बारामूला का आबिद कयूम लोन, डोडा का नजीर अहमद गुज्जर (मुनाजिल) और बेंगलुरु का मोहम्मद शाहिद फैसल भी इस सूची का हिस्सा हैं; फैसल तकनीकी रूप से बेहद सक्षम है और पाकिस्तान के रावलपिंडी से बैठकर भारत विरोधी साइबर नेटवर्क और वैश्विक आतंकी फंडिंग का संचालन कर रहा है।

​• पाकिस्तान के मूल निवासी

​पाकिस्तानी नागरिकों की सूची में जैश-ए-मोहम्मद का रावलकोट (पुंछ, PoJK) निवासी मसूद इलियास कश्मीरी प्रमुख है, जो जम्मू क्षेत्र में युवाओं की भर्ती और सेना के कैंपों पर हमलों में शामिल रहा है। इसके अलावा जैश का लॉन्चिंग कमांडर मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी का मुख्य हैंडलर मोहम्मद मुसद्दीक और सीमा पार आतंकी कैंपों का प्रबंधन करने वाला हाफिज अब्दुल शकूर भी पाकिस्तानी नागरिक हैं। इस सूची में लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का बेहद करीबी और जमात-उद-दावा का वित्तीय सिंडिकेट संभालने वाला अब्दुल रऊफ भी शामिल है, जो पाकिस्तान से बैठकर वैश्विक स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने का काम करता है।


(फोटो — जी न्यूज के सौजन्य से)

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