• ड्रग्स निकला यूरिया, 2 आईपीएस समेत 19 पुलिसकर्मियों पर साजिश का आरोप
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। इंदौर पुलिस ने जिस 198 ग्राम पदार्थ को करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स बताकर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था, वह जांच में यूरिया निकला।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मी समेत तीनों आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। अब बर्खास्त पुलिसकर्मी ने दो IPS अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है।
ड्रग्स केस में हुई थी गिरफ्तारी
करीब 16 महीने पहले इंदौर पुलिस ने विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख को गिरफ्तार कर उनके पास से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स मिलने का दावा किया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिसकर्मी लखन गुप्ता का नाम लिया, जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में विभाग ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
भोपाल और हैदराबाद की लैब में कराई जांच
जांच के दौरान जब्त पदार्थ के सैंपल भोपाल की फॉरेंसिक लैब भेजे गए। रिपोर्ट में साफ हो गया कि कथित एमडी ड्रग्स वास्तव में यूरिया है और वह किसी भी तरह का नारकोटिक पदार्थ नहीं है।
इसके बाद पुलिस ने दोबारा हैदराबाद की सेंट्रल लैब से जांच कराई, लेकिन वहां भी रिपोर्ट में पदार्थ यूरिया ही निकला। दोनों रिपोर्टों के आधार पर कोर्ट ने लखन गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।
लखन बोले- साजिश के तहत फंसाया गया
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| लखन गुप्ता, बर्खास्त पुलिसकर्मी |
कोर्ट से बरी होने के बाद लखन गुप्ता ने विशेष अदालत में परिवाद दायर कर दो IPS अधिकारियों समेत 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत झूठे ड्रग्स केस में फंसाया गया।
मेरी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से साजिश रची गई थी। मुझ पर झूठे आरोप लगाकर बर्खास्त कर दिया गया। अब मैंने परिवाद दायर कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



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