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Friday, June 5, 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर सुभारती विश्वविद्यालय का अनूठा संदेश: पिंजरों से मुक्त हुए पक्षी, ‘प्लांट एडॉप्शन ड्राइव’ से हरित भविष्य का संकल्प

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में विश्वविद्यालय पर्यावरण समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं सतत विकास को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व और हरित भविष्य के निर्माण का सशक्त संदेश दिया।


कार्यक्रम की विशेष आकर्षण पक्षियों को पिंजरे से मुक्त कर उन्हें प्राकृतिक वातावरण में उड़ान भरने का अवसर प्रदान करना रहा। इस प्रतीकात्मक पहल के माध्यम से प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय में "प्लांट एडॉप्शन ड्राइव" तथा "बर्ड हाउस इंस्टॉलेशन ड्राइव" का शुभारंभ कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा को पौधा भेंट कर किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा, प्रो-वीसी प्रो. मुनीश रेड्डी, निदेशक शोध प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारती, प्रो. सरताज अहमद सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।


कार्यक्रम के दौरान छात्र चेतन्य चपराना ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय पर्यावरण समिति के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मुकेश रुहेला ने प्लांट एडॉप्शन ड्राइव की अवधारणा एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की प्रेरणा से संचालित इस अभियान का उद्देश्य कार्बन फुटप्रिंट को कम करना, हरित आवरण को बढ़ाना तथा समाज में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे के संरक्षण का संकल्प ले, तो पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव हो सकता है।


अपने प्रेरणादायी संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिवस तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक दायित्व का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने सभी उपस्थितजनों से जल, वायु एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु जागरूक और सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना ही मानव सभ्यता के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की आधारशिला है।


कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रीति सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संचित प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय पर्यावरण समिति के सभी सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में प्रो. पिंटू मिश्रा, प्रो. मनोज कपिल, कुलसचिव एम. याकूब, प्रो. विनीता निखिल, प्रो. धीरेंद्र, प्रो. रीना बिश्नोई, प्रो. (डॉ.) सोकिंद्र, प्रो. सुधीर त्यागी, प्रो. रितेश चौधरी, प्रो. ज्योति गौर, प्रो. अनोज राज, प्रो. लुभान सिंह, प्रो. रूपेश पांडे सहित अनेक शिक्षकों एवं अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।


विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम सुभारती विश्वविद्यालय की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास के प्रति उसके अटूट समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा। विश्वविद्यालय द्वारा की गई ये पहलें केवल परिसर को हरित और जैव-विविधता संपन्न बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


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