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Sunday, June 28, 2026

छोटी कर्बला मनसबिया घण्टाघर तथा लोहिया नगर सहित जैदी फार्म के सभी इमामबागाहों में मजलिसें आयोजित हुई

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। हजरत इमाम हुसैन और शौहदाये कर्बला के सोयम के सिलसिले में शहर छोटी कर्बला मनसबिया घण्टाघर तथा लोहिया नगर सहित जैदी फार्म के सभी इमामबागाहों में मजलिसें आयोजित की गयी। 

जैदी नगर सोसायटी स्थित इमामबागाह पंजेतनी में सुबह 11 बजे आयोजित मजलिस में सुप्रसिद्ध आलिम मौलाना सैयद अम्मार हैदर रिज़वी ने खिताब करते हुये हजरत इमाम हुसैन और उनके जानिसारों की शहादत के बाद उनके कुन्बे पर हुये जुल्मो सितम बयां किये और कहा कि यजीदी फौज ने अहलेबैत के लगे खेमो में आग लगा दी और मालो अस़बाब लूट लिये गये और उनके कुन्बे को असीर कैद करके कर्बला के उन रास्तों से गुजारा गया जहाँ बेगोरो कफन शौहदा के लाशे पड़े हुये थे। असीराने कर्बला को बाजार-ए-शाम से होते हुये यज़ीद के दरबार में लाया गया जहां वक्त के इमाम बेड़ियों में जकड़े इमाम जैनुल आबिदीन दबारे यज़ीद में खड़े थे। यज़ीद ने इमाम को मुखातिब करते हुये तन्ज भरे लहजे में सवाल किया कि ‘‘कि जंग मे फतेह किस की हुई।’’ इमाम-ए-सज्जाद ने बुलन्द आवाज में जवाब दिया कि यजीद सुन ले मेरे बाबा का सर-ए-मुबारक तन से जुदा होकर नोके नेज़ा पर बुलन्द होकर भी कुरान-ए-पाक की तिलावत कर रहा है, अज़ान होने पर इमाम ने कहा कि सुन, मस्जिदो से अल्लाहो अकबर और कल्मे की सदायें अज़ान में हमेशा बुलन्द होती रहेंगी और इस्लाम हमेशा जिन्दा रहेगा, यही हमारी फतेह का ऐलान है। लेकिन ना तेरा ताज, ना तख्त, ना ये महल रहेगा तू हमेशा के लिये फना हो जायेगा और लानती रहेगा और मेरे बाबा हजरत इमाम हुसैन और मेरे अजदाद का नाम हमेशा तारीख में जिंदा रहेगा। 

हसन अब्बास मुन्नू की जानिब से आयोजित मजलिस में पूर्व में अली शाह जै़दी मुजफ्फरनगर ने सौज़ख्वानी और दानिश अली ने निज़ामत, पेशख्वानी की, बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवारों ने शरीक होकर शोहदाये कर्बला को खिराजे अकीदत पेश किया। रात्री 9 बजे इमामबारगाह इश्तियाक हुसैन में डा0 हसन जैदी की जानिब से आयोजित मजलिस में मौलाना अल्ताफ हुसैन ने खिताब करते हुऐ कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत के बाद किसी ने भी अपने बच्चो के नाम यजी़द पर नहीं रखे बल्कि इमाम हुसैन और एहलेबैत अतहार से मन्सूब नाम रखकर बता दिया कि हजरत इमाम हुसैन फातेह हैं उन्होने कहा कि यज़ीद की मौत के बाद यज़ीद के बेटे ने यज़ीद की विरासत कबूल न करके उसे ज़ालिम व जाबिर तसलीम किया। बाद-ए-मजलिस हुसैनी सौगवारों ने नौहेख्वानी व मातमपुर्सी की। मौहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिज़वी ने बताया कि मजालिस शौहदाये कर्बला का सिलसिला चैहलुम और आठ रबी उल अव्वल तक जारी रहेगा। 

 

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