Breaking

Your Ads Here

Friday, June 26, 2026

कर्बला जाते ना मौला काश आ जाते यहीं - मुंतजिर सदियों से अब तलक मेरा हिन्दुस्तान है...

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। मोहर्रम की दसवीं तारीख यौम-ए-आशूरा पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को बड़े ही गमगीन माहौल में अश्कबार आंखों से अलविदा कहा गया लब्बैक या हुसैन लब्बैक या अब्बास की सदाओं के बीच शहर सहित जैदी फार्म, लोहिया नगर में अलम-ए-मुबारक ताजिये और जुलजनाह के जुलूस बरामद हुये।

शहर छोटी कर्बला चैड़ा कुआं से ताजिये और जुलजनाह का बड़ा जुलूस हसन मुर्तजा के प्रबन्ध में 2 बजे बरामद हुआ। इस दौरान कोटला के विभिन्न अजाखानो से ताजिये बरामद होकर इस जुलूस में शामिल हुए। जुलूस शाहे कर्बला मनसबिया से घन्टाघर रेलवे रोड, ईदगाह चैराहे से गुजरता हुआ कर्बला मनसबिया पहुच कर सम्पन्न हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तिरंगे के साथ निकाले गये जुलूस में डा0 नसीम जै़दी पूर्व चुनाव आयुक्त, भारत सरकार, कमर अहमद जै़दी पूर्व पुलिस कमिश्नर दिल्ली, सैयद शाह अब्बास सफवी सहित बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार काले लिबास पहने शामिल हुए। जुलूस में अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू ने अपने नौहों में इमाम हुसैन के हिन्दुस्तान ना आने की कसक को यूं बयां किया। 

“कर्बला जाते ना मौला काश आजाते यहीं - मुंतजिर सदियों से अब तलक मेरा हिन्दुस्तान है।”

इनके अतिरिक्त चांद मियां, साहिल, मीसम, तथा दस्तये हुसैनी के साहिबे ब्याज़, हुमायू अब्बास ताबिश, अतीक उल हसनैन, गिज़ाल रज़ा, तन्जीम-ए-अब्बास के तालिब अली जै़दी के संचालन में, सफदर अली, काशिफ जैदी, दारेन, ज़िया ने दर्द भरे नौहे पढ़े। अली हैदर रिजवी, हाजी शमशाद अली, जुलूसों के प्रभारी हैदर अली चांद, नियाज हुसैन जै़दी, शकील जै़दी, रईस हैदर, हैदर अब्बास रिज़वी आदि जुलूस की व्यवस्था सम्भाले हुए थे। जुलूस कर्बला पहुंचकर अलविदाई नौहो के साथ सम्पन्न हुआ जहां ताजिये और तर्बरूकात दफन किए गये। इस दौरान सभी को दूध, शर्बत, फल वितरित किये गये। 

इससे पूर्व प्रातः 8 बजे गजनफर अब्बास के प्रबन्ध में इमामबारगाह करीम बख्श से ताजिया बरामद होकर वापस इसी स्थान पर पहुंचा इसी क्रम में प्रातः 9 बजे हसन अली मरहूम के अजाखाने जाहिदियान से हाजी शमशाद अली जै़दी के प्रबन्ध में अलम-ए-मुबारक हजरत अब्बास और तर्बरूकात का जुलूस तिरंगें झण्डे के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बरामद हुआ जो निर्धारित रास्तो से होता हुआ मखदूम शाहविलायत गेट नं0 3 के अन्दर कर्बला शान्ति पूर्ण माहौल में पहंुच कर सम्पन्न हुआ, जहां तबरूकात दफन किये गये। इस दौरान शान्ती व्यवस्था बनाये रखने में सुन्नी समुदाय का सहयोग रहा। जुलूस में हाजी अंजुम जै़दी, युसुफ अली, सुल्तान हैदर, फैज़ान जै़दी हसन जै़दी, अली हैदर रिज़वी, हैदर हसन, अकबर हुसैन, आतिफ जै़दी, सहित हुसैनी सौगवार शामिल रहे। 

जैदी फार्म में जुलूस: जैदी फार्म इमामबारगाह इश्तियाक हुसैन से मौलाना साजिद रज़ा की गमगीन तकरीर के बाद 2 बजे इसरार हुसैन के प्रबन्ध में जुलजनाह और ताजिये का बड़ा जुलूस बरामद होकर अब्बास पैलेस, शाहजलाल हाॅल, कौमी एकता मार्ग, नई कोठी से होता हुआ जैदी सोसायटी कर्बला पहुंचकर सम्पन्न हुआ इससे पूर्व मौलाना ने शाहजलाल चैक पर तथा हाजी खुर्शीद जै़दी ने इमामबारगाह पंजेतनी पर अपनी तकरीर में हुसैनियत का पैगाम दिया। इस दौरान हुसैनी सौगवारों ने जंजीरों का जबरदस्त मातम किया कर्बला में ताजिये और तर्बरूकात दफन किए गए। जुलूस में बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शामिल हए। इस दौरान जावेद रज़ा, अरशी नकवी, अयाज़ हुसैन, नजर मौ0, शाहनावाज़, आदि ने पुरसोज नौहे पढ़ कर खिराजे अकीदत पेश किया। आज शाम को जगह-जगह फाका शिकनी की गयी और सुबह 9 बजे मस्जिद जैदी नगर सोसायटी, कर्बला मनसबिया, जाहिदियान में खुले में आमाले आशूरा (इबादत) किये गये। 

शाहजलाल हाॅल से निकला मशाल जुलूस: रात्रि में 9 बजे शाहजलाल हाॅल सैक्टर 4 शास्त्री नगर से हुसैनी मिशन की जानिब से शामें गरीबां की मंजलिस मे मौलाना अमीर आलम की तकरीर के बाद तारीखी मशाल जुलूस बरामद हुआ जो जैदी फार्म से कर्बला जैदी सोसायटी पहुंच कर सम्पन्न हुआ। जहां विंग कमाण्डर रज़ा नकवी ने ‘‘बाबा मेरे बाबा’’ पुरसौज़ नौहा पढ़ा। जुलूस में मासूम रज़ा, नौशाद अली, खावर रज़ा, यासिर अब्बास, मुनीस अब्बास, इमरान, हसन मेहदी, हैदर अब्बास, आदि सहित बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शामिल रहे। 

मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि कल इमामबारगाह अलहाज डा0 इकबाल हुसैन, हुसैनाबाद में, इमामबारगाह पंजेतनी में यौमे जैनब के उन्वान से मजलिसें होंगी। गम-ए-हुसैन का सिलसिला 8 रबीउलअव्वल तक जारी रहेगा। इस मौके पर मोहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज सैयद शाह अब्बास सफवी, मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने जिला प्रशासन और मीडिया का जुलूसों में पूर्ण सहयोग के लिये शुक्रिया अदा किया।


No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here