Breaking

Your Ads Here

Sunday, June 21, 2026

योग का उद्देश्य है तन मन के स्वास्थ्य से विश्व में शान्ति और कल्याण तथा अपने अन्दर सत्यम शिवम सुन्दरम की भावना जागृत करना : स्वामी विवेकानन्द सरस्वती

नरेश कुमार

नित्य संदेश, मेरठ12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को गुरुकुल प्रभात आश्रम, टीकरी में योग एवं आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार यज्ञ एवं हवन के साथ हुआ, जिसमें आश्रम परिवार, छात्र-छात्राओं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर गुरुकुल प्रभात आश्रम के कुलाधिपति स्वामी विवेकानन्द सरस्वती ने कहा कि योग का उद्देश्य केवल शरीर को स्वस्थ रखना नहीं है, बल्कि तन मन और आत्मा के समन्वय के माध्यम से विश्व में शांति सद्भाव और कल्याण की भावना स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति के भीतर सत्यम शिवम सुन्दरम् की चेतना को जागृत करता है तथा उसे सकारात्मक और संतुलित जीवन की ओर प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व का प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में शारीरिक और मानसिक तनाव से जूझ रहा है। ऐसे कठिन दौर में योग ही वह साधन है, जो मनुष्य को तनावमुक्त, स्वस्थ, शांत एवं समरस जीवन प्रदान कर सकता है। इसी सोच के अनुरूप इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “समस्त पृथ्वी और समस्त स्वास्थ्य के लिए योग” रखी गई है।

कार्यक्रम में गुरुकुल के व्यवस्थापक अजय, सुबोध कुमार, साईं खेल केंद्र के कोच विकास शास्त्री एवं अनुज संघी भोला सहित समस्त गुरुकुल परिवार की उपस्थिति में योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का सामूहिक अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, मानव कल्याण एवं स्वस्थ जीवन की कामना के साथ किया गया। योग दिवस के इस आयोजन ने उपस्थित लोगों में स्वास्थ्य, अनुशासन और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here