• ICU से बाहर आते ही कराहते हुए बोली- मेरी हालत के लिए जिम्मेदार पार्षद, अधिकारियों पर एफआईआर क्यों नहीं?
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। अवंतिका गैस पाइप लाइन हादसे में झुलसी कंटेंट क्रिएटर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला को आज हाई कोर्ट के आदेश के बाद एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद ले जाया गया। वहां अब उसका इलाज जाइडस हॉस्पिटल में चलेगा। उसे ठीक होने में तीन से चार माह का समय लगेगा।
इसके पूर्व गुरुवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद शाम को डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की और अपनी रिपोर्ट तैयारी की। शुक्रवार सुबह उसे अहमदाबाद ले जाने की तैयारी की गई। इस दौरान आईसीयू से जैसे ही उसे बाहर लाया तो कराह रही थी। बातचीत करने पर उसने कहा कि मेरी हालत के लिए पार्षद, अधिकारी जिम्मेदार है। इनके खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं की गई? इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके साथ ही अपना दर्द साझा किया।
इस मौके पर उनके माता-पिता नवल-धर्मेंद्रसिंह झाला ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मंगेतर रजत प्रतापसिंह ने कहा कि शुरू से ही इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी ही वहां बोरिंग करा रहे थे।
वे झूठ बोल रहे थे कि वाटर हार्वेस्टिंग का काम चल रहा है। इसके लिए वे मुख्य रूप से जिम्मेदार है।
जब प्रतिबंध है तो कैसे हो रहा था बोरिंग?
रजत ने कहा घटना के बाद मौके और अस्पताल में न तो अधिकारी पहुंचे और न जनप्रतिनिधि। पुलिस ने खानापूर्ति के बोरिंग वाहन जब्त कर ठेकेदार और ड्राइवर पर एफआईआर दर्ज कर ली जबकि जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की। रजत प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि लोकल लेवल पर बिना अनुमति बोरिंग का उन्होंने कहा कि जिनी के हाथ की त्वचा की दो लेयर्स पूरी तरह जल चुकी हैं, जबकि तीसरी लेयर भी गंभीर रूप से प्रभावित है। एक सर्जरी हो चुकी है। अभी तीन और सर्जरी होना बाकी हैं। उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कम से कम तीन से चार महीने लगेंगे। उधर, हादसे में घायल गोपाल मालाकार (10-15 प्रतिशत बर्न) और सुभाष ठाकुर (10-12 प्रतिशत बर्न) की हालत ठीक है।
जांच में जुटी तीन अधिकारियों की टीम
इस मामले में नगर निगम ने जांच के लिए जो तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें आशीष पाठक (अपर आयुक्त), आसित खरे (कार्यपालन यंत्री) और पीएस कुशवाह (कार्यपालन यंत्री) हैं। यह कमेटी दो दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।


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