डा. इफ्फत जकिया
नित्य संदेश, मेरठ। 10 मुहर्रम को इमाम हुसैन (अ.स) की शहादत की याद में जुलूस निकाले गए । मुहर्रम कमेटी की मीडिया प्रभारी डॉ. इफ्फत जकिया ने पत्रकारों को बताया कि मौलाना अब्बास बाक़री साहब ने सुबह 9:30 बजे रेलवे रोड स्थित मनसबिया कर्बला में आमाल-ए - आशूरा कराए । जिसमें भारी संख्या में नमाज़ियो नें शिरकत की ।
नमाज जुमा के बाद आशूरा का जुलूस इमामबारगाह छोटी कर्बला लाला बाजार से बरामद हुआ। जुलूस के आयोजक जनाब हसन मुर्तजा (रजा) ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मौलाना अमीर आलम साहब ने आशूरा के जुलूस से पहले एक मजलिस पढ़ी जिसमें उन्होंने हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की अपनें अज़ीज़ों व रिश्तेदारों से रुख़सत और शहादत का बयान किया, जिसके बाद जुलूस अपनी पारंपरिक शान ओ -शौकत के साथ घंटाघर स्थित अज़ाखाना शाह कर्बला से गुजरा और शाम को रेलवे रोड स्थित कर्बला वक्फ मनसबिया में समाप्त हुआ। जिसमें अंजुमन इमामिया से वाजिद अली (गप्पू), साजिद अली (चांद), रवीश व मीसम आदि नोहा ख्वान शामिल रहे । अंजुमन दस्ता हुसैनी से हुमायुं अब्बास जैदी ,अतीक उल हसनैन , हिलाल, गिज़ाल, आदि नें नोहे पढ़े । अंजुमन तंजीम अब्बास से सफदर हिंदुस्तानी, काशिफ जैदी, मीर दारैन जैदी, ज़िया जैदी आदि ने नोहा खानी की । गमनाक फिज़ा और सोगवार माहौल में ताज़ियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
शाम आठ बजे से सभी इमामबारगाहों में शाम - ए - गरीबां की मजलिसें हुईं। सबसे पहले इमामबारगाह छोटी कर्बला में शाम - ए - गरीबां की पहली मजलिस हुई। जिसमें दानिश आबिदी ने सोज़ ख्वानी की , अकलीम हुसैन व फखरी मेरठी ने सलाम - ए - अकीदत पेश किया । मौलाना सैय्यद अब्बास बाकरी ने मजलिस को खिताब करते हुए कर्बला में इमाम हुसैन ( अ.स )और उनके साथियों की शहादत के बाद उनके खेमों की ओर बेरहमी से बढ़ती यजीद की फौज के हालात, खेमों में आग लगाने, सैदानियो के सिरों से चादरें छीनने व मासूम बच्चों को थप्पड़ मारने का मंजर बयान किया। मजलिस के बाद अली असगर का झूला , शबीह ताबूत व अलम मुबारक बरामद हुए। छोटी कर्बला के बाद अज़ाखाना शाह कर्बला में मजलिस-ए-शाम गरीबां हुई। मंसबिया की मजलिस के बाद पुरवा फय्याज अली स्थित स्वर्गीय डॉ. इकबाल हुसैन के अजा खाने में मजलिस-ए-शाम गरीबां का आयोजन किया गया। सभी मजलिसों में सोगवारों नें भारी संख्या में शिरकत की ।


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