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Thursday, May 21, 2026

स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे फल-फूल रहे झोलाछाप डॉक्टर

तरुण आहूजा

नित्य संदेश, मेरठ। जनपद में बिना वैध डिग्री और अनुमति के संचालित कथित झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिकों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे आम जनता की सेहत और जिंदगी खतरे में पड़ रही है। 


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मेरठ के कई क्षेत्रों—मलियाना, ब्रह्मपुरी, भगवतपुरा, माधवपुरम, अलीपुर, लिसाड़ी गेट , जाकिर कालोनी,शक्ति नगर सहित अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में अवैध क्लीनिक लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि इनमें से कई स्थानों पर बिना मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय योग्यता वाले लोग उपचार कर रहे हैं। *सांठगांठ और भ्रष्टाचार के आरोप स्थानीय*: निवासियों का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में तैनात कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के चलते इन अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि समय-समय पर शिकायतें होने के बावजूद मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


गरीब तबका सबसे अधिक प्रभावित
जानकारी के अभाव और सस्ते इलाज की मजबूरी में मलिन बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग ऐसे कथित झोलाछाप डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। जागरूक नागरिकों का कहना है कि इससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है और गलत उपचार की आशंका बनी रहती है। उच्च स्तरीय जांच की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अवैध रूप से क्लीनिक संचालित हो रहे हैं तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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