मुकुल कुमार
नित्य संदेश, मेरठ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे मेरठ में बिना किसी वैध डिग्री के अवैध क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप डॉक्टरों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों के कथित आशीर्वाद और मिलीभगत के कारण इन फर्जी डॉक्टरों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे ये मासूम लोगों की जिंदगी के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेरठ के कई प्रमुख और मलिन बस्तियों वाले इलाकों में सैकड़ों की संख्या में ये अवैध क्लीनिक सालों से धड़ल्ले से चल रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों ने मलयाना, ब्रह्मपुरी, भगवत पूरा, माधवपुरम, अलीपुर, लिसाड़ी, शक्ति नगर में अपने पैर पसार रखे हैं। इन पर समस्त मेरठ क्षेत्र में सांठगांठ और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे है।
स्थानीय लोगो का कहना है कि इन अवैध क्लीनिकों की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। लेकिन CMO कार्यालय में तैनात कुछ कर्मचारी मामले को रफा-दफा कर देते हैं। कार्रवाई न होने से यह साफ प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं किसी बड़े आर्थिक लालच या भ्रष्टाचार के चलते इन फर्जी डॉक्टरों को अभयदान मिला हुआ है। अगर ऐसा नहीं होता तो अब तक इन अवैध दुकानों को सील कर दिया गया होता।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) इस पूरे घालमेल से पूरी तरह अनजान हैं या फिर उनके मातहत कर्मचारी उन्हें गुमराह कर रहे है। इस अवैध धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं। गरीब और मलिन बस्तियों के लोग जानकारी के अभाव में इन झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल में फंसकर अपनी जान और पैसा दोनों गंवा रहे हैं। स्थानीय जागरूक नागरिकों ने शासन-प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और मेरठ को इन कातिल झोलाछाप डॉक्टरों से मुक्त कराया जाए।

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