नित्य संदेश ब्यूरो
नोएडा । ‘आशा - द होप कैफ़े’, अपनी तरह का पहला सामाजिक उद्यम, आज दिल्ली कैंटोनमेंट में शुरू किया गया। इस पहल को सशस्त्र बलों के परिवारों से जुड़े विशेष आवश्यकताओं वाले युवाओं को हॉस्पिटैलिटी स्किलिंग और सतत आजीविका के अवसरों के माध्यम से सहयोग देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, देवाशीष दासगुप्ता, डायरेक्टर – कॉर्पोरेट रिलेशंस, डियाजियो इंडिया (यूएसएल) ने कहा, “हमारे ‘लर्निंग फॉर लाइफ’ कार्यक्रम के माध्यम से, हमने युवाओं, दिव्यांगजनों और अब सशस्त्र बलों के सदस्यों एवं उनके परिवारों के लिए हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया है। इस परियोजना में आवा के साथ साझेदारी कर हमें गर्व है।”
यह कैफ़े यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (डियाजियो इंडिया) के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) सहयोग के अंतर्गत स्थापित किया गया है। इसका संचालन आगे आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के मार्गदर्शन में किया जाएगा। एक प्रीमियम कैफ़े और मजबूत सामुदायिक उद्देश्य के साथ कल्पित, ‘आशा - द होप कैफ़े’ हॉस्पिटैलिटी, स्किलिंग और उद्यमिता को एक साथ लाकर एक सतत सामाजिक उद्यम का निर्माण करता है।
कैफ़े को एक पेशेवर रूप से संचालित प्रतिष्ठान के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें विशेष रूप से तैयार किए गए आर्टिजनल उत्पाद और आधुनिक परिचालन अवसंरचना शामिल हैं। रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ, यह पहल हॉस्पिटैलिटी, कैफ़े संचालन, बेकरी, वित्त और उद्यमिता में संरचित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगी। ‘आशा कैफ़े’ को एक ऐसे मॉडल के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जिसे समय के साथ विभिन्न कैंटोनमेंट्स में विस्तारित किया जा सके।
No comments:
Post a Comment