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Friday, May 8, 2026

शोभित विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग में उभरती प्रौद्योगिकियों पर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ की कार्यशाला आयोजित

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. राजीव कांत द्वारा एक अत्यंत ज्ञानवर्धक कार्यशाला आयोजित की गई।

डॉ. कांत ने फिनलैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ तुर्कू से डी.एससी. की उपाधि प्राप्त की है तथा वे सवोनिया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज में प्रिंसिपल लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं। 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उनकी विशेषज्ञता आईओटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा एनालिटिक्स तथा वायरलेस क्लाउड एवं एज कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में है। कार्यशाला के दौरान उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तृत जानकारी साझा की, जिससे यह सत्र अत्यंत रोचक एवं उपयोगी बन गया। बी.टेक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं रोबोटिक्स से संबंधित प्रश्न पूछे तथा नई तकनीकों के व्यावहारिक पक्ष को समझा। डॉ. कांत यूनिवर्सिटी ऑफ तुर्कू में एडजंक्ट प्रोफेसर एवं हेबेई यूनिवर्सिटी ऑफ एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। वे आईईईई के वरिष्ठ सदस्य भी हैं। उन्होंने पूर्व में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) तथा केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में कार्य किया है। उनके द्वारा 110 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं तथा उन्होंने यूसीएनड्रोन, वीएलईफैक्ट एवं एआईक्यूसेक जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.के. त्यागी एवं प्रतिकुलपति डॉ. जयानंद ने डॉ. राजीव कांत के साथ फिनलैंड की शिक्षा प्रणाली, अनुसंधान संस्कृति तथा तकनीकी शिक्षा के आधुनिक स्वरूप पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा मॉडल से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग के निदेशक डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि वैचारिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव में परिवर्तित करना आईटी जगत में सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा एवं उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को समझने में सहायक होती हैं।

इस अवसर पर डॉ. निधि त्यागी एवं डॉ. ममता बंसल ने प्रोफेसर डॉ. राजीव कांत को सम्मानित किया तथा विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के साथ उनके प्रेरणादायी संवाद के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु डॉ. तरुण शर्मा, डॉ. दिव्या प्रकाश एवं निमरा मिर्जा को विशेष धन्यवाद दिया गया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों को नवाचार एवं उन्नत तकनीकी अनुसंधान की दिशा में प्रेरित करने में अत्यंत सफल रही।

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