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Saturday, May 9, 2026

क्रांतिनायक धनसिंह कोतवाल को पाठ्य पुस्तको मे शामिल किया जाए: तस्वीर सिंह चपराना

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। 1857 के क्रांतिनायक शहीद धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में क्रांतिनायक शहीद धन सिंह कोतवाल जी की संघर्ष गाथा एवं शहादत को नमन करने हेतु एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।


संगोष्ठी में शोध संस्थान के चेयरमैन तस्वीर सिंह चपराना ने बताया कि शोध संस्थान द्वारा अब तक 104 कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि क्रांतिनायक धन सिंह कोतवाल जी को विभिन्न बोर्डों एवं विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण गोविल ने अपने उद्बोधन में कहा कि धन सिंह कोतवाल जी द्वारा 1857 में आरंभ की गई क्रांति की निरंतरता का ही परिणाम था कि वर्ष 1947 में देश स्वतंत्र हुआ। मेरठ नगर निगम के महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि उनके कार्यकाल में वेदव्यासपुरी में धन सिंह कोतवाल जी के नाम पर एक विशाल पार्क तथा भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। अति विशिष्ट अतिथि कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि धन सिंह कोतवाल वास्तव में मेरठ की क्रांति के प्रणेता थे। उन्होंने 10 मई 1857 की रात जेल तोड़कर 839 कैदियों को मुक्त कराया था।


लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि भारतीय इतिहास में धन सिंह कोतवाल जी को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे वास्तविक हकदार थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि धन सिंह कोतवाल जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। पूर्व मंत्री एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि क्रांतिकारी किसी एक जाति के नहीं होते, वे पूरे राष्ट्र के होते हैं। धन सिंह कोतवाल जी ने सभी समाजों को साथ लेकर क्रांति का नेतृत्व किया, इसलिए वे क्रांति के महानायक हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद एवं उड़ीसा प्रदेश प्रभारी भाजपा विजयपाल सिंह तोमर ने की। उन्होंने कहा कि इतिहास के सत्य को छुपाया नहीं जा सकता। मेरठ की क्रांति के महानायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर थे, इसमें कोई संदेह नहीं है।


कार्यक्रम के दौरान शोधार्थी ज्योति मोरल ग्राम मंदवाडी द्वारा लिखित पुस्तक “1857 के क्रांतिनायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर : एक ऐतिहासिक एवं समाजशास्त्रीय अध्ययन” का विमोचन किया गया। साथ ही कवि ईश्वर चंद्र गंभीर द्वारा लिखित एवं रजनीश शर्मा द्वारा गाया गया गीत रिलीज़ हुआ। इस अवसर पर पर्वतारोही सागर कसाना जी को पर्वतीय चोटियों पर धन सिंह कोतवाल जी को नमन करने हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन शोध संस्थान की महिला संयोजिका प्रधानाचार्या सुगम सिंह धामा द्वारा किया गया।


कार्यक्रम में शोध संस्थान के डायरेक्टर उमेश कुमार पटेल, पूर्व गढ़ विधायक कमल मलिक, जीएम बृजपाल सिंह चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष हरवीर पाल, महामंत्री अंकुर मुखिया, रोबिन गुर्जर, रामधन तला, चरण सिंह, एडवोकेट राजेंद्र, प्रधानाचार्य संजीव नागर, वेदपाल चपराना होमगार्ड कमांडेंट,   श्रीसरबजीत सिंह कपूर, प्रोफेसर देवेश शर्मा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रधानाचार्या डॉ. बृजेश, प्रधानाचार्या डॉ. मंजू देवी, प्रधानाचार्या दीपा रावत,  वेदपाल चपराना, अशोक चौधरी, जगत सिंह दोसा, विनय कुमार, संजीव धामा, संदीप चपराना, डॉ. मोमराज सिंह, सूरजपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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