नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। बढ़ते दलितों पर अत्याचारों के खिलाफ शोषित क्रांति दल का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना से दिल्ली में मिला और एक शिकायती पत्र सौंपा।
शिकायती पत्र में कहा कि गांव डूंगर मेरठ में दलित समाज के लोग अपना पुश्तैनी कार्य चर्म शोधन करते हैं, इन्हें जिला ग्राम में विकास अधिकरण उत्तर प्रदेश सरकार ने चर्म शोधन इकाइयां भी बना कर दी थी। जिसका अनुबंध 17 जून 2024 तक है, एसकेडी अध्यक्ष रविकांत ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि दिनांक 13 अप्रैल 2026 को जिला प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के इनकी इकाइयों पर सील लगा दी है। चरम शोधकों को इनका कच्चा माल भी खत्म करने का समय तक नहीं दिया गया। कई लाख का माल सड़कर बेकार हो चुका है। करीब डेढ़ सौ परिवार भुखमरी की कगार पर आ गए हैं, जोकि अन्यायपूर्ण कार्यवाही है। यह सरासर दलितों पर अत्याचार है।
आयोग से अनुरोध किया और मेरठ प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि दलितों की चरम शोधन इकाइयों से सील हटाकर इन्हें अपना भरण पोषण करने दिया जाए। इस मौके पर मेरठ महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार, रोहित यादव, संजीव कुमार, चिरंजी लाल, गुलशन कुमार, चंद्रपाल, नरेंद्र अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

No comments:
Post a Comment