नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET), चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “Robotics Kickstart – A 20 Hours Workshop” के छठे दिन विद्यार्थियों में उत्साह और सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। 10 दिवसीय इस कार्यशाला का संचालन कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के संरक्षण, संकाय अध्यक्ष (इंजीनियरिंग एवं तकनीकी) प्रो. आर.के. सोनी एवं निदेशक प्रो. नीरज सिंघल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
छठे दिन के सत्र में
मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. वी.के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “रोबोटिक्स आज के समय की तेजी से उभरती तकनीक है, जो छात्रों को नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक होते हैं।” संकाय अध्यक्ष (इंजीनियरिंग एवं तकनीकी) प्रो. आर.के. सोनी ने कहा कि “रोबोटिक्स और ऑटोमेशन भविष्य की आवश्यकता हैं। इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव देकर उन्हें इंडस्ट्री के लिए तैयार करती हैं।” कार्यशाला में “लर्न बाय डूइंग” पद्धति के तहत छात्र एक-दूसरे को सिखाते हुए रोबोटिक्स की बारीकियों को समझ रहे हैं। इस क्रम में पीयर ट्रेनर सिद्धार्थ ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया और प्रैक्टिकल सत्रों में उनकी शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने छठे दिन मोटर्स में उपयोग होने वाले कंट्रोलर्स एवं माइक्रोकंट्रोलर्स पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि माइक्रोकंट्रोलर रोबोट का “ब्रेन” होता है, जो सेंसर और मोटर्स के कार्यों को नियंत्रित करता है। Arduino, PWM (Pulse Width Modulation) जैसी तकनीकों को लाइव डेमो के माध्यम से समझाया गया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा अनन्या त्यागी द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. शिवम गोयल ने कहा कि “इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्रों में नवाचार की सोच विकसित करना है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। आने वाले सत्रों में उन्हें और अधिक उन्नत तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।” कार्यक्रम सफलतापूर्वक जारी है और आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को और अधिक उन्नत तकनीकों एवं प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। इस दौरान डॉक्टर गौरव त्यागी इंजीनियर प्रवीण कुमार इत्यादि मौजूद रहे

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