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Monday, April 20, 2026

हादसा या हकीकत! टीकाकरण पर फिर उठने लगे सवाल

 

दायमपुर में तीन माह के बच्चे की मौत के बाद कटघरे में कार्यक्रम 

सलीम सिद्दीकी

नित्य संदेश, मेरठ। कंकरखेड़ा के दायमपुर गांव में तीन माह के एक बच्चे की 'संदिग्ध मौत' के बाद टीकाकरण कार्यक्रम पर कई लोगों ने सवालिया निशान लगा दिया है। दरअसल इस गांव में शनिवार को टीकाकरण सत्र के दौरान गांव की एएनएम रूपा ने इसी गांव में रहने वाले ब्रजपाल के तीन माह के बेटे तनिष्क को पेंटावेलेंट 2 का टीका लगाया था। बताया जाता है कि टीकाकरण के बाद शाम को ही बच्चे की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई थी। उसे तेज बुखार आया और रात भर बच्चा बुखार में तपता रहा। रविवार सुबह बच्चे को उल्टी हुई और उसने दम तोड़ दिया।

गांव के लोग ब्रजपाल के इस दुख में शामिल होने उसके घर पर उमड़ने लगे, लेकिन आश्चर्य देखिए कि स्वास्थ्य विभाग से लेकर गांव में टीकाकरण कार्यक्रम में सहयोग और मॉनिटरिंग करने वाली एजेंसियां कुंभकर्णी नींद सोई रहीं और किसी ने भी मृतक के परिजनों के पास जाना तक गंवारा नहीं किया। इस संबंध में जब जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ प्रवीण गौतम से बात की गई तो उन्होंने इतनी बड़ी घटना से ही अनभिज्ञता जता दी। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि यदि ऐसी कोई घटना है तो वह इसकी जांच करवा लेंगे। इतना कहकर उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया। बता दें कि इस क्षेत्र में सहयोग एवं मॉनिटरिंग एजेंसी के रूप में गावी-पीसीआई नामक एनजीओ नामित है। इस एनजीओ के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर प्रवीण कौशिक से जब इस घटना के बारे में जानकारी हासिल की गई तो उन्होंने इस क्षेत्र में खुद की मौजूदगी पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि वह इस क्षेत्र में मॉनिटरिंग अथवा सहयोग नहीं करते, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।

कंकरखेड़ा ब्लॉक के दायमपुर गांव में गावी-पीसीआई ही स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करता है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि गावी-पीसीआई को मेरठ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में टीकाकरण पर काम करने का नया प्रोजेक्ट हाल ही में मिला है। उधर इस घटना के बाद से ही एएनएम रूपा का कोई पता नहीं चल पा रहा है। गांव वालों के अनुसार घटना के बाद से वह गायब है। हालांकि सीएमओ ने जरूर इस पूरे प्रकरण की जांच की बात कही है।

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