नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा “अंडरस्टैंडिंग पॉश राइट्स, रूल्स एंड रिड्रेसल ऑन कैंपस” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (पॉश) से संबंधित अधिकारों, नियमों और शिकायत निवारण की प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. सौम्यता पांडेय रहीं, जो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के शी-बॉक्स पोर्टल की एम्पैनल्ड ट्रेनर एवं रिसोर्स पर्सन हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में पॉश अधिनियम की प्रमुख धाराओं, संस्थानों की जिम्मेदारियों और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. सौम्यता पांडेय ने कहा, “पॉश कानून केवल महिलाओं की सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य एवं शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक छात्र और कर्मचारी को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों की भी जानकारी होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।”
उन्होंने शी-बॉक्स पोर्टल के उपयोग की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि यह मंच शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निवारण में सहायक है। साथ ही, उन्होंने संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति (आइसीसी) की भूमिका को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में विभाग के सहायक आचार्य राम प्रकाश तिवारी के द्वारा औपचारिक रूप से धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रितेश चौधरी जी के साथ प्रो. अशोक त्यागी, डॉ. संतोष के. गौतम, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. प्रीति सिंह, राम प्रकाश तिवारी, तरुण जैन एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की और विषय से संबंधित अपने प्रश्न भी पूछे। यह व्याख्यान जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित परिसर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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