नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ एंड कॉन्स्टीट्यूशनल स्टडीज (SLCS) द्वारा मंगलवार को विश्वविद्यालय के सभागार में "भारत में आंतरिक सुरक्षा की गतिशीलता" विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, संकाय सदस्य एवं SLCS के बड़ी संख्या में उत्साही विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर के विशिष्ट अतिथि वक्ता थे यशोवर्धन आज़ाद, IPS (सेवानिवृत्त) — जो इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व विशेष निदेशक, भारत सरकार के पूर्व सचिव (सुरक्षा), पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त तथा वर्तमान में डीपस्ट्रैट LLP के अध्यक्ष हैं। वर्ष 1976 बैच के IPS अधिकारी श्री आज़ाद ने लगभग चार दशकों तक खुफिया तंत्र, आतंकवाद-रोधी अभियानों और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में देश की अमूल्य सेवा की है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विनोद त्यागी ने की। इस अवसर पर प्रति-कुलपति प्रो. डॉ. जयानंद, कुलसचिव डॉ. गणेश भारद्वाज, डीन एकेडमिक्स डॉ. अशोक गुप्ता, अकादमिक समन्वयक डॉ. मोहम्मद आमिर, SLCS के समस्त संकाय सदस्य एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात कुलपति, प्रति-कुलपति एवं कुलसचिव ने अतिथि वक्ता श्री यशोवर्धन आज़ाद का स्मृति चिह्न, पटका एवं पौधा भेंट कर औपचारिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कुलपति प्रो. विनोद त्यागी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय चुनौतियों के संदर्भ में विधि शिक्षा का व्यावहारिक धरातल से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभाग की इस पहल की सराहना की जिसके अंतर्गत देश के प्रतिष्ठित सुरक्षा विशेषज्ञ विद्यार्थियों के बीच आकर अपना अनुभव साझा करते हैं। अकादमिक समन्वयक डॉ. मोहम्मद आमिर ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए व्याख्यान के विषय की महत्ता को प्रतिपादित किया और विभाग की ओर से अतिथि वक्ता का हार्दिक अभिनंदन किया।
अपने व्यापक एवं प्रभावशाली व्याख्यान में श्री यशोवर्धन आज़ाद ने भारत की आंतरिक सुरक्षा के बदलते स्वरूप को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, सीमा सुरक्षा, आसूचना तंत्र की सफलताओं और विफलताओं, आधुनिक निगरानी में प्रौद्योगिकी की भूमिका, तथा एक विविधतापूर्ण लोकतंत्र में आंतरिक व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतियों पर विशद प्रकाश डाला। इंटेलिजेंस ब्यूरो में अपने अनुभव, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कार्यों, तथा भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी सचिव (सुरक्षा) के पद पर कार्य करने के अपने व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सुरक्षा की वास्तविकताओं से साक्षात्कार कराया।
व्याख्यान के उपरांत एक जीवंत एवं बौद्धिक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा, खुफिया एजेंसियों के कार्यकलापों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में नागरिक समाज की भूमिका जैसे विषयों पर तीक्ष्ण प्रश्न पूछे। श्री आज़ाद ने प्रत्येक प्रश्न का अत्यंत स्पष्टता, खुलेपन एवं गहराई के साथ उत्तर दिया, जिससे विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निहारिका पिलानिया द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने श्री आज़ाद, समस्त गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति संस्था की हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। इस कार्यक्रम का आयोजन एसएलसीएस की संकाय सदस्य सुश्री इकरा रशीद द्वारा किया गया था।

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