नित्य संदेश ब्यूरो
इंदौर। साकार श्री वेलफेयर सोसायटी द्वारा ऑटिज्म जागरूकता माह के अंतर्गत विशेष युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 10 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने बच्चों को अलग-अलग हैंडीक्राफ्ट और जीवनोपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला के पहले दिन प्रियंका जोगलेकर ने सजावट के लिए कागज से फूल बनाना सिखाया। दूसरे दिन डॉ. अंतिमबाला शास्त्री ने शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जुम्बा, मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग तथा बोतलों पर कलात्मक डिजाइन बनाना सिखाया। तीसरे दिन रिंपल जरिया ने ब्लॉक पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया, जबकि चौथे दिन मेघा ने बच्चों को संगीत की बारीकियां सिखाते हुए भजन सिखाया।
छठे दिन दंत चिकित्सक डॉ. महेंद्र गुप्ता एवं डॉ. रुही गुप्ता द्वारा बच्चों का डेंटल चेकअप किया गया और उन्हें ब्रश करने का सही तरीका बताया गया। सातवें दिन फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मोनिका दुबे ने सही पोश्चर के लिए विभिन्न व्यायाम सिखाए तथा अभिभावकों की समस्याओं का समाधान भी किया।
आठवें दिन सुजाता मुदलियार ने पत्थरों पर रंग और क्ले से आकर्षक डिजाइन बनाना सिखाया। नौवें दिन संस्था की डायरेक्टर डॉ. निधि गुप्ता ने फायरलेस कुकिंग के तहत बिस्किट सैंडविच बनाना सिखाया। दसवें और अंतिम दिन इंटर्न मिस मीनाक्षी एवं मिस परी ने बच्चों को नृत्य सिखाया।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों के स्नेह, समर्पण और रचनात्मकता ने विशेष बच्चों में विभिन्न कौशलों का विकास किया, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन को बेहतर बनाने और समाज में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
संस्था की डायरेक्टर डॉ. निधि गुप्ता ने बताया कि साकार श्री संस्था में निरंतर विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।


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