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Monday, April 27, 2026

सिनेमा सहित क्रिएटिव प्रोडक्शन के काम से जुड़ने के अनेकों अवसर एमसीयू में वर्चुअल प्रोडक्शन पर विशेष व्याख्यान आयोजित

 

 वर्चुअल प्रोडक्शन  में अपार संभावनाएं मौजूद: उत्सव सिन्हा

नित्य संदेश ब्यूरो

भोपाल । तकनीक ने मीडिया प्रोडक्शन को पूरी तरह बदल दिया है।  अब परंपरागत भारी भरकम स्टूडियो, सेट के बजाए  तकनीक की सहायता से इनस्टूडियो क्वालिटी प्रोडक्शन हो रहा है। मुंबई से वर्चुअल प्रोडक्शन  के विेशेषज्ञ श्री उत्सव सिन्हा ने कही। वे  एमसीयू के सिनेमा अध्ययन विभाग में आयोजित विशेष व्याख्यान में बोल रहे थे। वर्चुअल प्रोडक्शन टेक्नालाजी पर बोलते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि आज से 10-15 साल पहले प्रोडक्शन का पूरा परिदृश्य बिल्कुल ही अलग था।  स्पेशल इफैक्ट्स के लिए तब ग्रीन स्क्रीन पर काम होता था। आज इन कैमरा वीएफएक्स, डिजिटल वीएफएक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग हो रहा  है।  इससे सिनेमा के क्षेत्र में बहुत ही उच्च गुणवत्ता का कार्य हो रहा हे। उन्होंने बताया कि तकनीक सृजनात्मकता को और बेहतर बनाने में सहायक साबित हो रही है।

श्री सिन्हा ने कहा  कि वर्चुअल प्रोडक्शन दरअसल टेक्नालाजी और प्रोडक्शन का मिलाजुला रूप है। यह सीधे तौर पर प्रोडक्शन ही है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल प्रोडक्शन में रिसर्च बहुत अहम होता है। सही डेटा और रिसर्च के साथ प्रोडक्शन की गुणवत्ता भी बढ़ जाती है। उन्होंने अनेकों फिल्मों में वीएफएक्स से तैयार सीन की बारीकियों को समझाया। श्री उत्सव सिन्हा पिछले 25 वर्षों से राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर वर्चुअल प्रोडक्शन के क्षेत्र  में काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर श्री सिन्हा ने शार्टस डिजाइन से लेकर प्रोग्राम के सीन प्रोडक्शन की विविध बारीकियों को समझाया। हालीवुड फिल्म जोकर में एक दृश्य में स्पेशल इफैक्ट को समझाते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक के जरिये एन्हैंस्ड एनवायरमेंट तैयार किया  जाना आसान हो गया है। उन्होंने अपने व्याख्यान के दौरान अनेकों राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय फिल्मों में स्पेशल इफैक्ट्स और प्रोडक्शन की विशिष्ट तकनीकों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रोडक्शन के लिए पूरी टीम का संजीदगी के साथ काम करना बहुत अहम होता है। निर्देशक को सीन को स्वयं अनुभव करना होता है तभी जाकर अच्छा प्रोडक्शन हो सकता है।  इस अवसर पर विद्यार्थियों से प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ।

इस कार्यक्रम में विज्ञापन एवं जनसंपर्क तथा सिनेमा अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डा. पवित्र श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता का आभार किया। कार्यक्रम में  विभाग के प्राध्यापक, सहित समस्त विद्यार्थी मौजूद थे।


डॉ पवित्र श्रीवास्तव

विभागाध्यक्ष

जनसंपर्क विभाग

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