नित्य संदेश ब्यूरो
इंदौर नगर की साहित्य संस्था क्षितिज के द्वारा किए गए आयोजन में शहर के ख्यात समीक्षक और लेखक श्री दीपक गिरकर के उपन्यास "एक बैंक मैनेजर की डायरी" का लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार श्री सूर्यकांत नागर के करकमलों से श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति के सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री सूर्यकांत नागर ने कहा कि उपन्यास में आतंरिक द्वंद्व होना चाहिए। इस कृति को उसकी भाषा शैली की दृष्टि से डायरी कहना ही उचित होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शोभा जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह कृति समकालीन समय का सहज दस्तावेज है। डायरी की शक्ल में लिखा उपन्यास बैंकिंग व्यवस्था और खामी का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण व्यक्त करती है जिसमें लेखक दीपक गिरकर ने बैंकिंग राजनीति के आंतरिक परिवेश पर भी अपनी पैनी नजर रखी है। सारस्वत अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती अंतरा करवड़े ने अपने उद्बोधन में कहा "एक बैंक मैनेजर की डायरी" कृति जीवन की बैलेन्स शीट को बराबर करती है। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों द्वारा माता सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सरस्वती वन्दना वाणी जोशी द्वारा की गई। अतिथियों का स्वागत डॉक्टर अखिलेश शर्मा, श्री सुरेश रायकवार, श्रीमती ज्योति जैन और श्रीमती आशा मुंशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रश्मि चौधरी और आभार प्रदर्शन श्रीमती तनुश्री उपगड़े द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शहर के कई वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित थे।
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