नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में आज बैसाखी पर्व एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।
इस भावपूर्ण समारोह में छात्रों ने मधुर शबद का गुणगान किया, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों से वातावरण को झूमने पर मजबूर कर दिया। बच्चों को समझाया गया कि सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने धर्म की रक्षा हेतु खालसा पंथ की नींव रखी। बैसाखी के महत्व को नृत्य के माध्यम से जीवंत ढंग से चित्रित किया गया, तथा सिखाया गया कि अपनी प्रसन्नता को दूसरों संग बांटना ही सच्ची खुशी है। इस अवसर पर गिद्दा की थिरकन और छोटे बच्चों द्वारा गतका का साहसिक प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति से सभी के हृदय आनंद से परिपूर्ण हो उठे। वहीं, कक्षा-6 की छात्रा सादिया ने अम्बेडकर जयंती पर संविधान रचयिता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के क्रांतिकारी विचारों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बाबा साहब का स्वप्न एक संगठित, समावेशी भारत का था।
कार्यक्रम को यादगार बनाने में हरमनदीप कौर, नीरू बाला, दीप्ति, अराधना, हेमा मदान, पल्लवी भारद्वाज आदि शिक्षिकाओं का अमूल्य सहयोग रहा।
अंत में उप-प्रधानाचार्या प्रभा राव ने संबोधित करते हुए कहा कि भले ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्सव अलग-अलग नामों से मनाए जाते हों, किंतु ये पर्व हमें आत्मचिंतन का अवसर देते हैं—समाज को एकजुट बनाने का संकल्प लें।
प्रभा राव
उप-प्रधानाचार्या
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