सपना सी.पी. साहू
नित्य संदेश, इंदौर। देश की प्रतिष्ठित और इंदौर स्थित प्राचीनतम साहित्यिक संस्था 'श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति' के नवीन पदाधिकारियों की घोषणा के साथ ही साहित्य जगत में हार्दिक हर्षिता फैल गई है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के यशस्वी निदेशक और प्रख्यात साहित्यकार डॉ. विकास दवे को सर्वसम्मति से संस्था का उप-सभापति मनोनीत किया गया है।
समिति का गौरवशाली इतिहास और नवीन जिम्मेदारी
श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश की उन चुनिंदा संस्थाओं में से एक है, जिसकी नींव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों के सानिध्य में रखी गई थी। ऐसी ऐतिहासिक संस्था के उप-सभापति के रूप में डॉ. विकास दवे का मनोनयन उनके कुशल नेतृत्व और हिंदी साहित्य के प्रति उनके अटूट समर्पण पर मुहर लगाता है।
बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं डॉ. दवे
डॉ. विकास दवे वर्तमान में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उनके कार्यकाल में अकादमी ने नवाचारों के नए आयाम स्थापित किए हैं। वे न केवल एक कुशल प्रशासक हैं, बल्कि एक संवेदनशील बाल साहित्यकार, लेखक, विचारक और प्रखर वक्ता भी हैं। डॉ. दवे की कार्यशैली और सबको साथ लेकर चलने के उनके स्वभाव के कारण वे साहित्यकारों और युवाओं के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं।
साहित्यकारों ने व्यक्त की प्रसन्नता
उनके उप-सभापति मनोनीत होने पर शहर के प्रबुद्धजनों, लेखकों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने अपनी अनंत मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं। साहित्यकारों का मानना है कि डॉ. दवे के मार्गदर्शन में श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति अपने गौरवशाली इतिहास को और अधिक विस्तार देगी और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के नए कीर्तिमान रचेगी।
"यह मनोनयन न केवल डॉ. विकास दवे जी का सम्मान है, बल्कि यह इंदौर की साहित्यिक चेतना का सम्मान है। उनके अनुभव और दृष्टि से संस्था को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।"
इस उपलब्धि पर डॉ. दवे को सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सभी ने उनके यशस्वी कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

बहुत प्रसन्नता की बात है l
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