राहुल गौतम
नित्य संदेश, मेरठ। तलाक के बाद ढ़ोल नगाड़ो व लड्डू बंटवाने पर स्वागत को लेकर चर्चा में आयी मेरठ निवासी रिटायर्ड जिला जज डॉ0 ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की एकलौती बेटी प्रणिता वशिष्ठ पर उसके पूर्व पति मेजर गौरव अग्निहोत्री व उसके परिवार द्वारा लगाए जा रहे आरोप प्रत्यारोप पर शनिवार को अपना पक्ष रखने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रणव वशिष्ठ लीगल क्लिनिक आयोजित की गई, जिसमें प्रणिता वशिष्ठ, पिता रिटायर्ड जज डॉ0 ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा व माता डॉ0 माधवी शर्मा व प्रणव वशिष्ठ लीगल क्लिनिक के सात अन्य अधिवक्ताओं ने मीडियकर्मियों को शादी के बाद से तलाक तक के समस्त उतार चढ़ाव के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गौरव अग्निहोत्री व उसके पिता श्यामकिशोर अग्निहोत्री द्वारा सोशल मिडिया पर दी गई सूचनाओं के आधार पर बेटी को रण्डी, कोठे पर बैठने वाली, लुटेरी बहू आदि अनर्गल शब्दावली से संबोधित किया गया। तलाक के बाद अपनी बेटी को ढोल नगाड़ों से वापस लाने और लड्डू बंटवाने का उद्देश्य केवल यह था कि तलाक के बाद दोनों पक्ष विशेष कर लड़की को होने वाले ट्रॉमा से बाहर निकाला जा सके। दूसरे पक्ष के संबंध में एवं तलाक किस आधार पर हुआ, इस संबंध में कोई सूचना प्रणिता वशिष्ठ व उसके परिवार द्वारा किसी को भी नहीं दी गई तथा न हीं यह किसी मिडियाप्लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित हुई। सभी मीडियाकर्मियों से यह कहा गया, कि कृपया इस विषय में हमसे कोई वार्ता ना करें और न हीं हमने कोई सूचना किसी को दी। केवल यह बताया गया था, कि दोनों की नहीं बन रही थी, इस वजह से तलाक की कार्रवाई सुनिश्चित की गई, किंतु दूसरे पक्ष द्वारा ढोल नगाड़ों व लड्डू बंटवाने की खुशी से व्यथित होकर झूठी व भ्रामक सूचनायें प्रेस व मीडिया को उपलब्ध कराई गई। जिससे समाज की निगाह में मेरी बेटी प्रणिता की डिग्निटी समाप्त हुई तथा उपरोक्त शब्द प्रणिता के बारे में बोले गए।
एक सप्ताह यह पीड़ा बर्दाश्त करते रहे किंतु कल इलेक्ट्रॉनिक चैनल व यूट्यूब्स व सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स ने बेटी की डिग्निटी की सभी हदें पार कर दी एवं गौरव अग्निहोत्री व उसके पिता श्यामकिशोर अग्निहोत्री ने सामान के पैक करने की वीडियो बनाकर उन्होंने व अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया में या अन्य मीडिया प्लेटफार्म्स में झूठी सूचनायें देते रहे। पूरे परिवार द्वारा यह निर्णय लिया गया, कि दूसरे पक्ष द्वारा दी गई झूठी सूचनाओं के संबंध में लिखित साक्ष्य मीडिया को उपलब्ध कराया जाए, जिससे दूसरे पक्ष द्वारा दिए गए समस्त गलत सूचनाओं का खंडन हो सके। दूसरे पक्ष की तरफ से निम्नलिखित सूचनायें मीडिया को दी गई, जोकि अभी भी मीडिया, डिजिटल मीडिया व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर प्रसारित हो रही है, जिसमें एक करोड़ की तीन बीघा जमीन प्रणिता के नाम कराई गई। 60-70 लाख रुपए नगद लिया गया।
60-70 तोले सोने के जेवरात शादी के समय प्रणिता को दिया गया। एक बीएमडब्ल्यू/ऑडी गाड़ी भी दी गई। उपरोक्त समस्त झूठी सूचनाओं के खंडन के लिए निम्न साक्ष्य मीडिया को उपलब्ध कराए गए, जिसमें प्रणिता के संबंध में झूठी व भ्रामक सूचनायें प्रसारित न हो। गौरव अग्निहोत्री द्वारा शाहजहांपुर परिवार न्यायालय में योजित वाद की प्रतिलिपि, जिसमें गौरव अग्निहोत्री द्वारा यह स्वीकार किया गया, कि उनके द्वारा शादी में जेवर, कपड़े व अन्य सामान पर ₹5लाख खर्च किए गए। उन्हे वापस दिलाया जाए।
गत 31/01/2026 को दोनों पक्षों के बीच निष्पादित समझौतानामा की प्रतिलिपि। जालंधर आर्मी कैंट व आर्मी मैस में प्रणिता व उसके पिता तथा उसके साथ गए हुए लोगों को लगभग एक घंटा बंधक बनाकर मारपीट करने की एफ0आई0आर0 की प्रतिलिपि। परिवार न्यायालय मेरठ में प्रणिता द्वारा आयोजित वाद को वापस लेने की प्रति।पक्षकारों के बीच निष्पादित समझौतानामा दिनांक 27/03/2026 की प्रतिलिपि। परिवार न्यायालय मेरठ द्वारा दिनांक 04/04/2026 को पारित आदेश की छायाप्रति। इन सभी दस्तावेजों में यह भी वर्णित है, कि प्रणिता द्वारा कोई एलिमिनी, भरण पोषण, बच्चे का भरण पोषण, बच्चे व प्रणिता के सामान, कपड़े व शैक्षिक प्रमाणपत्र समेत सभी सर्टिफिकेट के अतिरिक्त कोई सामान नहीं लिया गया।
समझौतानामा व निर्णय में यह भी वर्णित है, कि जो जमीन प्रणिता के नाम है, उसे अविलम्ब गौरव अग्निहोत्री के नाम कर दी जाएगी। जोकि यह जमीन शाहजहांपुर जिले के कोना याक़ूबपुर ग्राम में डूबत क्षेत्र की जमीन है, जिसकी कीमत मात्र ₹75हजार हैं। गौरव अग्निहोत्री स्वयं एक वरना कार प्रणिता के घर छोड़कर गया था, जिसकी कीमत वर्तमान में ₹6 लाख हैं, वापस कर दी जाएगी, जिसे लेने आज तक कोई नहीं आया तथा न हीं हमारा सामान ही हमें वापिस दिया गया। उन्होंने बताया कि गौरव अग्निहोत्री द्वारा यह भी धमकी दी गई है, कि मैं आत्महत्या कर लूंगा तथा आरोप प्रणिता व उसके परिवार पर लगा दूंगा। जबकि प्रणिता को ससुराल द्वारा इतना प्रताड़ित करने व मार खाकर भी सभी बात मानते हुए समझौता किया गया। समझौते के बाद गौरव अग्निहोत्री व उसके परिवार द्वारा गलत व झूठी भ्रामक सूचनायें प्रणिता व उसके परिवार के बारे में मीडिया को दी गई, जिससे प्रणिता व उसके परिवार की मानहानि हुई है।
समाज में एक बच्ची को रंडी, कोठे वाली, लुटेरी बहू आदि घटिया शब्दों से संबोधित करना, उस बच्ची के भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14,15,16 व 21 में संरक्षित मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, जिसकी सुरक्षा के लिए सक्षम न्यायालय हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में वाद योजित किया जा रहा है। आज जो जानकारी मीडिया को दी गई, उसका उद्देश्य प्रणिता के संबंध में दी गई झूठी व भ्रामक सूचनाओं के आधार पर समाज में उसकी डिग्निटी से समझौता कर अवमानना की हैं। प्रणिता और उसका परिवार एक सम्मानित परिवार हैं तथा गौरव के पिता श्याम किशोर अग्निहोत्री एक नेता है और भारतीय किसान यूनियन भानू में कार्यरत हैं उनसे प्रणिता व उसके परिवार की जान का खतरा है, जिसकी सूचना एसएसपी मेरठ को दी जा रही है।
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