नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर ब्राह्मण समाज द्वारा एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस गरिमामयी आयोजन में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सोमेन्द्र तोमर, पूर्व विधायक संगीत सोम सहित मेरठ के कई व्यापारी नेता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी अतिथियों को भगवान परशुराम का फरसा भेंट कर सम्मानित किया गया, जो पूर्णतः प्रतीकात्मक था।
शोभायात्रा के दौरान कुछ श्रद्धालु पारंपरिक रूप से फरसा एवं धार्मिक ध्वज लेकर चल रहे थे, जो केवल आस्था एवं संस्कृति का प्रतीक था। इसी बीच सीओ सिविल लाइन द्वारा माइक से घोषणा करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई। इसके उपरांत पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं से भगवान परशुराम के प्रतीक स्वरूप फरसे छीनकर अपने कब्जे में ले लिए गए तथा उपस्थित लोगों को धमकाकर शांत कराया गया। इस घटना से ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची, जिससे समाज में व्यापक आक्रोश उत्पन्न हुआ। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने ब्राह्मण समाज एवं भगवान परशुराम के सम्मान में आवाज बुलंद की और अरविंद शर्मा के साथ मिलकर आंदोलन करने का निर्णय लिया। वहीं सुनील भराला ने उच्च अधिकारियों से वार्ता कर प्रकरण को उनके संज्ञान में लाया। इस पर एसएसपी मेरठ ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सीओ सिविल लाइन को निर्देशित किया कि पवित्र फरसों को सम्मानपूर्वक समाज को वापस सौंपा जाए। थाना मेडिकल कॉलेज में राम कुमार शर्मा (एडवोकेट), अजय भराला, अरविंद शर्मा, सच्चिदानंद एवं अन्य समाज के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर पुलिस प्रशासन से फरसे ससम्मान प्राप्त किए तथा इस सकारात्मक पहल के लिए एसएसपी मेरठ एवं समस्त उच्च अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी निर्णय लिया है कि प्राप्त पवित्र फरसों एवं तलवारों को जादूगर बाग स्थित भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान के साथ भव्य आयोजन कर हवन-पूजन एवं वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुद्धिकरण उपरांत भगवान के चरणों में समर्पित किया जाएगा। यह आयोजन सनातन संस्कृति, परंपरा एवं धार्मिक आस्था के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रतीक होगा।
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