नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नारी वंदन कार्यक्रम के अंतर्गत संविधान निर्माण में महिलाओं की भागीदारी विषय पर एक चित्र प्रदर्शनी का आयोजन इतिहास विभाग स्थित स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश शासन के अनुरूप किया गया।
नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि मेरठ बार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा एडवोकेट व वरिष्ठ अधिवक्ता मदनपाल शर्मा जी इतिहास विभाग अध्यक्ष एवं परिषद के समन्वय प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा प्रोफेसर विघ्नेश कुमार प्रोफेसर आराधना प्रोफेसर ए वी कौर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनुज शर्मा ने कहा कि प्राचीन काल से ही समाज संस्कृति के निर्माण में महिलाओं का योगदान रहा है। व्यक्ति के चरित्र निर्माण में महिला का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है चाहे वह माता के रूप में हो बहन के रूप में हो अथवा किसी अन्य रूप में। भारतीय संविधान के निर्माण में ऐसी ही विदुषी विद्वान दूरदर्शी तापमान व्यक्तित्व वाली अनेक महान नारियों ने अपना योगदान दिया था। नारी बंधन अधिनियम का संसद से पास होना इस बात का परिचायक है कि आज संपूर्ण भारतीय समाज खुले मन से नारी के योगदान के महत्व को समझ कर पर्याप्त अधिकार देने के और अग्रसर है।
प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा ने नई वंदन कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्ण देश में हो रहे इस प्रकार के जागृति वाले कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरक बताया। प्रोफेसर विघ्नेश कुमार ने भी इस अवसर पर उल्लेख किया कि भारतीय संस्कृति में कहा गया है कि यत्र पूज्यन्ते नारी, रमंते तत्र देवता। इतिहास विभाग की प्रोफेसर आराधना, प्रोफेसर कौर डॉ कुलदीप कुमार त्यागी डॉक्टर योगेश कुमार डॉक्टर मनीषा डॉक्टर शालिनी प्रज्ञा आदेश शर्मा एडवोकेट प्रोफेसर राकेश शर्मा सहित अनेक शोधार्थी व विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।

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