इकराम चौधरी
नित्य संदेश, मेरठ। किठौर क्षेत्र के ग्राम खन्दरावली में उस वक्त अफरा-तफरी और मातम का माहौल छा गया, जब अचानक लगी भीषण आग ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में राख कर दिया। हाजी आस मोहम्मद, हाजी मुश्ताक समेत कई किसानों की गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। बताया जा रहा है कि कई बीघा में खड़ी तैयार फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह आग बिजली विभाग की घोर लापरवाही का नतीजा है। लोगों का कहना है कि इलाके में पहले भी कई बार जर्जर तारों और ढीले कनेक्शन को लेकर बिजली विभाग को लिखित शिकायत (तहरीर) दी जा चुकी थी, लेकिन हर बार अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। नतीजा यह हुआ कि आज किसानों को अपनी खून-पसीने की कमाई जलते हुए देखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बिजली के तारों से निकली चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाने की कोशिश करते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। खेतों में खड़ी सुनहरी फसल पल भर में काली राख में तब्दील हो गई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। किसान पूरी तरह टूट चुके हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक किसानों की जान और उनकी मेहनत यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी?
*सरकार से मांग:*
ग्रामीणों और पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से तुरंत मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि जिनकी फसल जली है, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए, साथ ही बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो यह केवल एक गांव का नुकसान नहीं होगा, बल्कि किसानों के विश्वास और उनके हौसलों की भी राख बन जाएगी। अब देखना यह है कि सरकार इस दर्द को समझती है या फिर यह आग सिर्फ खेतों तक ही सीमित रह जाएगी।
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