नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। कंकरखेड़ा स्थित श्रद्धापुरी सेक्टर 4,फेस 1 में श्री मद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के परायण में आज सातवें दिन कथा वाचक आचार्य श्री श्याम सुंदर पाण्डेय महाराज श्री धाम वृंदावन ने श्री मद्भागवत कथा में श्री कृष्ण भगवान के 16008 विवाह के बारे में बताया, जिनमें माता रूक्मिणी, सत्यभामा,जाम्बवती, कालिंदी, मित्रवृंदा,सत्या, भद्रा,लक्ष्मणा एवं अन्य 16100 पत्नियां, जिन्हें भगवान ने नरकासुर राक्षस से मुक्त कराकर विवाह करके अपनी पत्नी का सम्मान दिया।
इसके उपरांत "कोई धनश्याम से कह दो" सुंदर भजन से भक्त सुदामा के चरित्र का सुंदर चित्रण किया। भूख से बिलखते बच्चों के लिए सुदामा अपनी पत्नी की जिद पर भगवान से मिलने द्वारिका पुरी गये। भगवान ने तीन मुट्ठी चावल के बदले उन्हें तीनों लोकों का वैभव और सम्पदा दे दी। भगवान के प्रसाद स्वरूप सुदामा नगरी बस गई।अन्त में यदुवंश कुल के संहार की कथा सुनाई जिसमें महाभारत युद्ध में माता गांधारी द्वारा श्री कृष्ण को श्राप देने के कारण भगवान के पुत्र साम्ब की उदंडता के लिए ऋषियों के श्राप से उसके पेट से उत्पन्न लोहे के मूसल सेआपस में ही लड़कर यदुवंश का विनाश हुआ। यजमान महेंद्र कुमार रस्तौगी,अजय मोहन शर्मा, अतुल मोहन शर्मा रहे।
आज की कथा में संयुक्त व्यापार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाजपा नेता एवं धर्म प्रेमी नीरज मित्तल जी एवं समाज सेवी राजेश खन्ना ने पूज्य महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर राम गोपाल शर्मा, देवेन्द्र सिंह गाभा,डी आर टंडन,विनय कुमार गौतम,कुमकुम रस्तौगी, हेमलता यादव आदि उपस्थित रहे।आयोजक प्रोफेसर विरेन्द्र सिंह ने बताया कि आज भागवद कथा को विश्राम दिया जा रहा है।कल प्रातः 09.30 बजे यज्ञ होगा।12.00 बजे भण्डारा शुरू होगा। सभी भक्त प्रसाद ग्रहण करें।

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