नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद के उच्च आदर्शों, जीवन मूल्यों, शिक्षाओं एवं मानवता के प्रति उनके समर्पण को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल के अंतर्गत अजय कुमार दास सेवा संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, कोलकाता तथा स्वामी विवेकानन्द शोध पीठ, स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐतिहासिक साझेदारी शिक्षा, शोध, नवाचार एवं समाज सेवा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है, जो निश्चित रूप से स्वामी विवेकानंद के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
यह समझौता ज्ञापन (MoU) केवल एक औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि दो प्रतिष्ठित संस्थानों के मध्य विचारों, मूल्यों एवं उद्देश्यों का संगम है, जो शिक्षा और समाज सेवा को एक नई दिशा प्रदान करेगा। यह पहल स्वामी विवेकानंद के उस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जिसमें शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम न मानकर चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण का आधार माना गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर ग्रुप कैप्टन एम. याकूब, कुलसचिव, स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ तथा श्री सेवाव्रत दास, ट्रस्टी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अजय कुमार दास सेवा संस्थान अनुसंधान केंद्र, कोलकाता द्वारा किए गए। इस गरिमामयी अवसर पर प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा, प्रोफ़ेसर एवं संयोजिका, स्वामी विवेकानंद शोध पीठ, स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ की विशेष उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से यह सहयोग संभव हो सका। कार्यक्रम अत्यंत गरिमापूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा, शोध एवं समाज सेवा से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं अनुयायियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक दूरदर्शी एवं युगानुकूल कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब समाज को नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक दृष्टिकोण एवं सकारात्मक नेतृत्व की आवश्यकता है, ऐसे में इस प्रकार की पहल अत्यंत प्रासंगिक एवं प्रेरणादायक है।
अपने संबोधन में प्रो.(डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा ने समझौता ज्ञापन (MoU) के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सहयोग शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शोध परियोजनाएं, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां, सेमिनार, कार्यशालाएं एवं व्याख्यानमालाएं आयोजित करेंगे, जिससे स्वामी विवेकानंद के विचारों का गहन, विश्लेषणात्मक एवं विद्वत्तापूर्ण अध्ययन संभव हो सकेगा।
इस अवसर पर स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी महोदया प्रो.(डॉ.) शल्या राज ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय एवं दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह MoU न केवल शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्वामी विवेकानंद के उच्च आदर्शों, नैतिक मूल्यों एवं सेवा भाव को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने दोनों संस्थानों के इस संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह साझेदारी भविष्य में नवाचार, उत्कृष्टता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के नए आयाम स्थापित करेगी। साथ ही, उन्होंने इस पहल के सफल क्रियान्वयन हेतु अपनी हार्दिक शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किए और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय कदम बताया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए दोनों संस्थानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सहयोग भविष्य में और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक होगा तथा स्वामी विवेकानंद के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने में एक प्रभावशाली एवं परिवर्तनकारी माध्यम सिद्ध होगा।

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