नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। उच्च शिक्षा एवं शोध को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ और उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शोध, शैक्षणिक गतिविधियों, संयुक्त परियोजनाओं तथा ज्ञान-संसाधनों के आदान-प्रदान के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने पर सहमति बनी।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के रिसर्च डायरेक्टर प्रोफेसर बीरपाल सिंह ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों को स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में विश्वविद्यालय की शोध परियोजनाओं, प्रकाशित शोधपत्रों, नवाचारों तथा शैक्षणिक प्रगति को दर्शाया गया, जिसकी उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी हल्द्वानी से आए प्रतिनिधिमंडल ने सराहना की।
इस अवसर पर प्रोफेसर नवीन चंद लोहनी, कुलपति, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी हल्द्वानी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है और वे स्वयं को इस विश्वविद्यालय परिवार का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुआ यह समझौता शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। उनके अनुसार आज के समय में उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग और ज्ञान का साझा आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के अकादमिक सहयोग से शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, नए विषयों पर संयुक्त अध्ययन संभव होगा तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत करेगा और भविष्य में कई महत्वपूर्ण शोध परियोजनाओं को जन्म देगा।
इस अवसर पर प्रोफेसर संगीता शुक्ला, कुलपति, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक शैक्षणिक परिवेश में विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है, ताकि विभिन्न संस्थानों की विशेषज्ञता और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के साथ हुआ यह समझौता शोध और अकादमिक गतिविधियों को नई गति देगा। इससे दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी संयुक्त रूप से शोध परियोजनाओं, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस साझेदारी से नई शोध संभावनाएं विकसित होंगी, जिससे समाज और देश के विकास से जुड़े विषयों पर गुणवत्तापूर्ण अध्ययन किया जा सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान के केंद्र होते हैं और जब दो विश्वविद्यालय मिलकर कार्य करते हैं तो उनकी सामूहिक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। यह एमओयू इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उच्च शिक्षा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, प्रोफेसर मृदुल कुमार गुप्ता, प्रोफेसर हरे कृष्णा, प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा, प्रोफेसर जितेंद्र सिंह, प्रोफेसर प्रदीप चौधरी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. अंशु चौधरी, डॉ. विजेता गौतम तथा मीडिया सेल सदस्य मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। वहीं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट निर्देशक कंप्यूटर एवं आईटी प्रोफेसर जितेन्द्र पांडेय, निदेशक मैनेजमेंट एवं कॉमर्स प्रोफेसर गगन सिंह तथा शोध अधिकारी त्रिलोक सिंह गढ़िया शामिल थे।

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