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Wednesday, March 11, 2026

1947 का विभाजन और अखंड भारत की विचारधारा पर व्याख्यान आयोजित


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा “1947 के विभाजन और अखंड भारत की विचारधारा” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात विचारक एवं शिक्षाविद प्रो. डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे ने छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान प्रज्ञा प्रवाह के देवराज सिंह, क्षेत्रीय समन्वयक पश्चिमी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड व अवनीश त्यागी प्रज्ञा प्रवाह मेरठ अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। 

अपने वक्तव्य में प्रो.(डॉ.) सदानंद दामोदर सप्रे ने कहा कि 1947 का विभाजन भारतीय इतिहास की एक अत्यंत पीड़ादायक घटना थी, जिसने न केवल भौगोलिक सीमाओं को बदला बल्कि समाज और संस्कृति को भी गहरे स्तर पर प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि अखंड भारत की विचारधारा केवल भौगोलिक एकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित एक व्यापक अवधारणा है। कार्यक्रम में सुभारती विश्वविद्यालय के राष्ट्रबोध प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो.(डॉ.) डी.सी. सक्सेना ने कहा कि 1947 का विभाजन राजनीतिक परिस्थितियों और उस समय की जटिल परिस्थितियों का परिणाम था। 

इस दौरान पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतेष चौधरी ने अपने धन्यवाद संबोधन में कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इससे उन्हें इतिहास, राजनीति और समाज के गहन संबंधों को समझने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि व अन्य विशिष्ट अतिथियों को पादप व अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का सफल संचालन बीएजेमसी की छात्रा प्रियांशी भाटिया ने किया वहीं मीडिया कवरेज शौर्य खन्ना, व तुषार कुमार ने की। 

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक्स डॉ. प्रभात कुमार पांडेय, दूरस्थ शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. महावीर सिंह, पत्रकारिता विभाग के शिक्षकगण प्रो. अशोक त्यागी, डॉ. संतोष कुमार गौतम, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. प्रीति सिंह, शैली शर्मा, राम प्रकाश तिवारी, डॉ. पल्लबी मुखर्जी एवं बड़ी संख्या में विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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