नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मणिपाल हॉस्पिटल, द्वारका के डॉक्टरों ने एक 14 साल की लड़की के गैस्ट्रोएसोफेजियल कैंसर का सफल इलाज किया है। इस लड़की को गैस्ट्रोएसोफेजियल (जी.ई) जंक्शन, जहाँ फूड पाईप पेट से मिलता है, वहाँ पर सिग्नेट रिंग कार्सिनोमा था। इस तरह का कैंसर अब तक बहुत ही कम लोगों में पाया गया है। इसकी वजह से यह लड़की कुछ भी निगल नहीं पा रही थी, जिससे उसके दैनिक जीवन और न्यूट्रिशन पर प्रभाव पड़ रहा था। हॉस्पिटल में आने के बाद उसकी पूरी जाँच की गई। बायोप्सी में पता चला कि उसे यह असामान्य कैंसर है।
इस लड़की की सर्जरी से पहले उसे पाँच बार कीमोथेरेपी दी गई। फिर डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास, चेयरमैन - मणिपाल कंप्रेहेंसिव कैंसर सेंटर एवं ऑन्को रोबोटिक्स सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल्स ने अपनी ऑन्कोलॉजी टीम के साथ रोबोटिक सर्जरी की मदद से पेट का प्रभावित हिस्सा और उसके पास स्थित लिम्फ नोड्स को निकाल दिया। इस एडवांस्ड प्रक्रिया ने टीम को केवल ट्यूमर को काटकर निकालने में मदद की, तथा आसपास स्थित अन्य महत्वपूर्ण अंग बिल्कुल सुरक्षित रहे।
डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास ने कहा गैस्ट्रोएसोफेजियल जंक्शन के कैंसर पीडियाट्रिक कैंसर के मरीजों में बहुत विरले देखने को मिलते हैं। इसलिए इनका डायग्नोसिस भी कठिन होता है। अगर इनका समय पर इलाज न किया जाए, तो वो तेजी से आसपास के अंगों में फैल सकते हैं, जिससे इलाज और ज्यादा मुश्किल होता चला जाता है। इस लड़की को सर्जरी से दी गई कीमोथेरेपी के बहुत अच्छे नतीजे मिले, जिससे हम एडवांस्ड सर्जिकल ट्रीटमेंट के लिए आगे बढ़ सके। रोबोटिक सर्जरी बहुत सटीक होती है, इसमें बेहतर विज़्युअलाईज़ेशन के साथ ज्यादा अनुकूल नतीजे मिलते हैं। खासकर इस तरह के नाजुक मामलों के लिए यह बहुत प्रभावशाली है। पूरे इलाज के दौरान मरीज ने असाधारण साहस का प्रदर्शन किया, जिससे रिकवरी में मदद मिली और उनकी खाने-पीने की क्षमता वापस आ सकी। मेडिकल सुपरविज़न में मरीज ने तेजी से स्वास्थ्य प्राप्त किया।’’
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ के मुताबिक दुनिया में पाए जाने वाले कैंसर के मामलों में पेट और एसोफेजियल कैंसर का एक बड़ा हिस्सा है। लेकिन पीडियाट्रिक मरीजों में इस तरह के कैंसर बहुत ही कम पाए जाते हैं। युवाओं में ऐसे कैंसर अक्सर जीवनशैली या पर्यावरण के किन्हीं भी स्पष्ट कारणों के बिना ही होते हैं। इस मामले ने बहुत कम पाए जाने वाले और बहुत गंभीर कैंसर के इलाज में मेडिकल हॉस्पिटल की विशेषज्ञता को प्रमाणित कर दिया है। हॉस्पिटल के मुताबिक तुरंत डायग्नोसिस, मल्टीडिसिप्लिनरी सहयोग और आधुनिक रोबोटिक सर्जिकल तकनीकों द्वारा चुनौतीपूर्ण पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी के मामलों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
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