-बातनौर स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया कासिम उल उलूम में दो दिवसीय इजलास ए आम का आगाज
नित्य संदेश ब्यूरो
फलावदा। क्षेत्र के गांव बातनौर में सोमवार से दो दिवसीय इजलास ए आम का आगाज हो गया। मदरसा इस्लामिया अरबिया कासिम उल उलूम में आयोजित जलसे में प्रथम दिन दारूल उलूम से आए शेखुल हदीस मौलाना खुर्शीद ने लोगों को सूद, शराब, मोबाइल, गाना-बाजा आदि के बारे में नसीहत की।
इजलास ए आम की शुरुआत मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों ने नाअत पाक सुनाकर की। संचालन कारी ताहिर ने किया, जबकि अध्यक्षता मौलाना मुस्तफा ने कीं। मुख्य अतिथि के तौर दारूल उलूम से आए शेखुल हदीस मौलाना खुर्शीद ने शिरकत की। देर रात्रि दस बजे के बाद उनका संबोधन हुआ। अपने आधे घंटे से ज्यादा तकरीर में मौलाना खुर्शीद ने सूद पर मौजूद लोगों को जागरूक किया। मौलाना ने बताया कि सूद लेना भी हराम और देना भी हराम, यहां तक कि लेन-देन के दौरान मौजूद गवाह और लिखने वाला भी इस गुनाह में बराबर का शरीक है। कहा कि सूद उम्मत में आज-कल आम हो गया है। उन्होंने जागरूक करते हुए लोगों से सूद से बचने की सलाह दी। आगे उन्होंने कहा कि गाना-बाजाना मुस्लिमों के घर में फैशन बन गया है। कोई खुशी होती है तो डीजे बजाकर जश्न मनाया जाता है, हुड़दंग करते हैं, नाचते है, गाते हैं, यह करकर हम रसूल के मिशन का जनाजा निकाल रहे हैं। जबकि रसूल मोहम्मद ने गाना-बजाना हराम करार दिया और इसको खत्म करना जिंदगी का मकसद बना लिया था, लेकिन हम क्या कर रहे हैं? हम संगीत से मुहब्बत कर रहे हैं। यहां तक कि शादी-वलीमा हो या ईद का दिन, हम डीजे पर खुशी मना रहे हैं।
मोबाइल ले जा रहा गुमराही की राह पर
उन्होंने कहा कि ईस्लाम के दुश्मनों ने मोबाइल का इजाद करके हमें गुमराही के मार्ग पर लाकर खड़ा कर दिया। हम इतने मग्न हो गए है कि अजान की आवाज तक हमारे कानों तक नहीं पहुंच रही, नमाज से दूर होते जा रहे हैं, यहीं नहीं बच्चा अगर रोता है तो मां उसे मोबाइल चलाकर दे देती है, जबकि पहले की औरतें लोरियां सुनाकर बच्चों को चुप करती थी, ये ऐसी तालिम हम बच्चों को दे रहे हैं, जिससे उनके दिल पत्थर के हो रहे हैं। जब परवरिश गलत देंगे तो कैसे आलिम बच्चे बनेंगे।
मुस्लिमों में आम हो गई शराब
मौलाना ने कहा कि रसूल की उम्मत में शराब आम हो गई है। बस नाम बदल गए है, लेकिन शक्ल शराब की ही है, रेड ब्लू जैसी कोल्ड ड्रिंक हराम है, क्योंकि इसमें भी वहीं नशा है जो मदीरा में है। एक बूंद पीना भी हराम है, चाहे वो बीयर हो या एनर्जी ड्रिंक। ये हमारी जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों को ऐसे पेय पदार्थ से दूर रखे, जिसमें शराब की एक बूंद भी है। अपने बच्चों पर निगाह रखो, कम्बल में लेटकर वह मोबाइल में क्या देख रहा है, औलाद की निगरानी करो, हमारी बेटियां क्या कर रही है? अपने बच्चों को इबादतगार बनाओ।
पड़ोसियों का रखे ख्याल
आगे उन्होंने पड़ोसी से अच्छे बर्ताव के बारे में बताया। कहा कि जरा-जरा सी बात पर कुछ लोग रिश्तेदारों से संबंध तोड़ लेते है, ये काम मुस्लिमों का नहीं है। अगर तीन दिन हो गए तो नाराजगी को दूर कर लेना चाहिए। पड़ोसियों को रिश्तेदारों को ख्याल रखो। कहा कि रसूल ने फरमाया- पड़ोसियों का ख्याल रखना एक अच्छा और सुरक्षित माहौल बनाता है। इसके लिए उनसे मिलनसार रहें, हाल-चाल पूछें, उनकी सुख-सुविधा का ध्यान रखें और ज़रूरत पड़ने पर मदद करें। देर रात तक शोर न करें, किसी भी मुद्दे पर बातचीत से सुलह करें। यह सामाजिक सद्भाव के लिए बहुत ज़रूरी है।
जलसे में ये रहे मौजूद
ग्राम प्रधान पति सजाऊद्दीन मलिक, पूर्व प्रधान नायब हुसैन, शहबूब कस्सार, मोहम्मद रफी कस्सार, आसिफ सलमानी, भूरा मलिक, एहसान मलिक, महरबान मलिक, सरताज सलमानी, आरिज सलमानी, शानुद्दीन मलिक, नईम मलिक, महताब सलमानी, नसीमुद्दीन मलिक, मोहम्मद हशीन सलमानी, आस मोहम्मद कसार मौजूद रहें।
प्रस्तुतकर्ता
सुहैल मंसूरी

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