नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “उच्च शिक्षा की पुनर्कल्पना: गुणवत्ता, समानता एवं वैश्विक उत्कृष्टता के लिए बहुविषयक दृष्टिकोण” का द्वितीय दिवस शनिवार को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
द्वितीय दिवस का शुभारंभ प्रातः तकनीकी सत्र–3 से हुआ, जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, बहुविषयक दृष्टिकोण तथा समावेशी शिक्षा जैसे विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इसके उपरांत तकनीकी सत्र–4 में डिजिटल शिक्षा, शिक्षक शिक्षा, अनुसंधान की गुणवत्ता एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर विचार-विमर्श हुआ, जबकि तकनीकी सत्र–5 में शैक्षिक नियोजन, प्रशासनिक दक्षता, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा तथा संस्थागत गुणवत्ता आश्वासन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। तीनों सत्रों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही।
दोपहर 2:30 बजे शिक्षा विभाग के सेमिनार हॉल में आयोजित समापन सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसने कार्यक्रम को पारंपरिक एवं सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। संयोजक प्रो. राकेश कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा सह-संयोजक प्रो. विजय जायसवाल ने सम्मेलन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रो. सारिका शर्मा ने उच्च शिक्षा को नवाचार, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने पर बल दिया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. सुभाष चंद्र अग्रवाल ने बहुविषयक शिक्षा को राष्ट्रीय विकास की आधारशिला बताया। प्रो. अरुण कुमार ने शोध गुणवत्ता और शैक्षिक नेतृत्व पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. पी.के. एस्टालिन ने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा को समावेशी उच्च शिक्षा का सशक्त माध्यम बताया। प्रो. गौरव राव ने शिक्षक शिक्षा में डिजिटल दक्षता और वैश्विक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
डॉ. अमित गौतम ने शैक्षिक नियोजन एवं गुणवत्ता आश्वासन के महत्व को रेखांकित किया तथा प्रो. अजीत कुमार बोहेत ने अंतर्विषयक शोध एवं अकादमिक सहयोग को समय की मांग बताया। सत्र की अध्यक्षता प्रो. हरे कृष्ण ने करते हुए सम्मेलन के निष्कर्षों को रेखांकित किया और इसे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
अंत में आयोजन सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह गोयल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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