नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परीषद्,लखनऊ, उत्तर प्रदेश के तत्वाधन में जिला विज्ञान क्लब मेरठ द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया उसमें मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये चौ0 च0 सिंह विश्वविद्यालय में जैनेटिक्स एण्ड प्लांट ब्रीडिं़ग विभाग के प्रोफेसर शैलेन्द्र गौरव ने पेटेन्ट के उपर बोलते कहा कि भारत में पेटेंट पारिस्थितिकी तंत्र, घरेलू स्तर पर बढ़ती आवेदन प्रक्रिया, बौद्धिक संपदा कार्यालयों के डिजिटल रूपांतरण और मज़बूत नीतिगत समर्थन के साथ तेज़ी से विकसित हो रहा है।
पेटेंट एक आविष्कारक को उसके नवाचार की रक्षा के लिए दिया गया एक कानूनी अधिकार है, और भारत की पेटेंट प्रणाली अनुसंधान, स्टार्टअप और ज्ञान-आधारित विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पेटेंट अधिनियम, 1970 से लेकर ट्रिप्स के अनुपालन और 2005 में उत्पाद पेटेंट को अपनाने तक, भारत ने एक ऐसा ढाँचा तैयार किया है जो आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करते हुए नवाचार की रक्षा करता है। जीव विज्ञान की प्रोफेसर रही डा0 सीमा जैन ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला । पूर्व जिला गन्ना विकास अधिकारी व क्लब 60 के वरीष्ठ श्री हरी विश्नाई जी ने सभी को कचरा प्रबन्धन के बारे में विस्तार से बताया।

No comments:
Post a Comment