नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। कनोहरलाल स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में प्राचार्या प्रो. किरण प्रदीप के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में अंग्रेजी विभाग द्वारा मीट द ऑथर: रचनात्मकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. विकास शर्मा, कवि एवं उपन्यासकार, अंग्रेजी विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ, उपस्थित रहे। प्रो. विकास शर्मा अंग्रेजी साहित्य जगत के जाने माने उपन्यासकार, कवि व बहुमुखी प्रतिभा के धनी रचयिता हैं।
छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रोफेसर विकास शर्मा ने लेखन में रचनात्मकता विषय पर अंग्रेजी, हिंदी, और संस्कृत के अनेक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने विचार साझा किये। उन्होंने कहा कि अच्छे लेखन के लिए अवलोकन की क्षमता और मनोविज्ञान की समझ बहुत ही महत्वपूर्ण है। लेखक में संवेदनशीलता, भावनात्मकता होना एवं समकालीन सामाजिक जागरूकता होना भी अत्यंत आवश्यक है। एक लेखक को अपनी स्वयं की कमियों का भी मूल्यांकन करना चाहिए। लेखक का कर्तव्य है कि वह जाति, धर्म, राजनीति से ऊपर उठकर समाज में जो गलत हो रहा है उस पर मुखर होकर बोले। समाज में शिक्षक, लेखक, और पत्रकार के अपने कर्तव्य व भूमिका हैं। अपनी नवीनतम रचना आल हर फायर्स पर चर्चा करते हुए प्रोफेसर विकास शर्मा ने कहा की है रचना उनके विश्वविद्यालय के आठ वर्षों के अनुभवों व वास्तविकता का प्रतिबिंब है।
कार्यशाला में उपस्थित छात्राओं ने प्रोफेसर विकास शर्मा जी से विभिन्न विषयों पर चर्चा की व प्रश्न पूछ कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया । छात्राओं ने आई. ए. एस. टुडे, सना, होप अगेंस्ट होप, राह के पत्थर आदि रचनाओं की विषय वस्तु व उन्हें लिखने की प्रेरणा के विषय में भी प्रश्न पूछे। छात्राओं को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर किरण प्रदीप जी ने कहा की कलम की ताकत सर्वोपरि है। हमारी नई पीढ़ी को लेखन को हथियार बनाते हुए सामाजिक परिवर्तन के प्रयास करने चाहिए*।यह कार्यशाला छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं रुचि पूर्ण रही। कार्यक्रम का आयोजन अंग्रेजी विभाग, व मंच संचालन डॉ. आंचल वत्स, अंग्रेजी विभाग, द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राएं, शिक्षिका गण एवं ऑफिस स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रीति सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में अंग्रेजी विभाग से डॉ. प्रीति सिंह व डॉ. आँचल वत्स का विशेष योगदान रहा।
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