सपना सीपी साहू
नित्य संदेश, इंदौर। एक बार फिर सागर की उभरती कवयित्री प्रतिभा द्विवेदी "मुस्कान"ने सागर का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है। जो जनता स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक पंडित हरिराम द्विवेदी शास्त्री की सुपुत्री हैं।
प्रतिभा द्विवेदी "मुस्कान" को नेपाल के काठमांडू में सम्मानित किया गया है । 21 फरवरी अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा प्रतिभा द्विवेदी "मुस्कान" को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया है। नेपाल भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण संवर्द्धन, नेपाल भारत की मैत्री भाषा हिंदी/नेपाली के वैश्विक प्रचार प्रसार तथा देश विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार और शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर नेपाल, भारत सहित 5 देश के एक हजार प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि सम्मान, तथा मातृभाषा गौरव सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर सागर की प्रसिद्ध कवयित्री, प्रतिभा द्विवेदी"मुस्कान" को प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया है। इससे पहले भी चार बार इसी संस्था द्वारा विभिन्न अवसरों पर सम्मानित किया जा चुका है, यह उपलब्धि लगातार पाँचवीं बार है। प्रतिभा द्विवेदी की 26 साझा संकलन प्रकाशित है, विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से प्रतिभा द्विवेदी को दर्जनों प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं।
प्रतिभा द्विवेदी मुस्कान को सम्मान की बधाई देते हुए संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा - शब्द प्रतिभा का उद्देश्य है प्रतिभाओं का प्रोत्साहन कर उनमें नव ऊर्जा का विकास करना इसी कड़ी में आज सागर की उभरती कवयित्री प्रतिभा द्विवेदी का अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होना गौरव का विषय है। ज्ञात हो कि प्रतिभा द्विवेदी मुस्कान एक कुशल लेखिका है इनकी लिखी कविताएं समाज को सकारात्मक संदेश देती है।
बहुमुखी प्रतिभा की धनी प्रतिभा द्विवेदी मुस्कान जैसी प्रतिभाशाली रचनाकारों को राज्य की ओर से सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। अध्यक्ष आनंद गिरि मयालु जी तथा टीम का आभार मानते हुए धन्यवाद स्वरूप कवयित्री प्रतिभा द्विवेदी "मुस्कान" ने निम्न पंक्तियां लिखकर अपने उद्गार व्यक्त किए।
*प्रतिभा की प्रतिभा को प्रतिभा से कदर मिली।*
*भारतीय प्रतिभा नेपाली प्रतिभा से निखर गई।*
*सीमाओं के बंधन में प्रतिभा ना कैद हुई,,*
*भारतीय प्रतिभा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुखर हुई।*
प्रतिभा द्विवेदी के सम्मान की खबर पाकर उनके परिचित तथा मित्रों ने बधाई और शुभकामनाएंँ दी हैं।
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