नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज के उर्दू विभाग द्वारा "अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस" के विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर अनिता राठी के कुशल निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नुजहत अख्तर एवं जै़बा ज़ैदी ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर किया । संचालन कार्यक्रम की संयोजिका डॉक्टर इफ्फत ज़किया ने किया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर असलम जमशेदपुरी ने मातृभाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे है। इस मौके पर हमें याद रखना चाहिए कि हम अपनी मातृभाषा में लिखें, पढ़ें और बोलें ताकि हमारी मातृभाषा मजबूत हो। यह दिन बांग्लादेश में 1952 में शुरू हुए भाषा आंदोलन के सिलसिले में मनाया जाता है। अपनी मातृभाषा के अलावा हमें दूसरी भाषाएं भी सीखनी चाहिए ताकि हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम की दूसरी मुख्य अतिथि प्रोफेसर दीपा त्यागी ने कहा कि हमें अपनी मां के समान मातृभाषा का भी सम्मान करना चाहिए। हमारी अनुभूतियां एवं संवेदनाओं को शब्द भंडार प्रदान करने वाली हमारी मातृभाषा ही होती है। हमें परंपरा,समाज एवं परिवार से जोड़ने वाली मातृभाषा ही है।
डॉक्टर इरशाद सियानवी ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के बारे में अपने विचार व्यक्त किए।डॉक्टर फरहा नाज़ ने सभी का धन्यवाद अर्पित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं के साथ-साथ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग की छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। अरीबा , सबा, मुसर्रत, इरम , मिस्बाह ,तूंबा आदि छात्राओं का विशेष योगदान रहा।
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