नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। महाविद्यालय में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में Design Thinking, Critical Thinking and Innovative Design विषय पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ . अंजू सिंह की अध्यक्षता एवं आई आई सी की अध्यक्ष डॉ गीता चौधरी के नेतृत्व में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया
इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों में डिज़ाइन थिंकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग तथा इनोवेटिव डिज़ाइन के माध्यम से समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करना एवं नवाचार आधारित शैक्षणिक वातावरण को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अंजू सिंह के प्रेरणादायक स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने उच्च शिक्षा में नवाचार एवं रचनात्मक सोच की प्रासंगिकता पर बल दिया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ० मो आसिफ़ सिद्दिक़ी , सहायक प्रोफेसर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय रहे। उन्होंने Design Thinking की विभिन्न अवस्थाओं—समस्या की पहचान, विचार निर्माण, प्रोटोटाइप तथा परीक्षण—को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया। साथ ही क्रिटिकल थिंकिंग के माध्यम से तार्किक विश्लेषण तथा इनोवेटिव डिज़ाइन द्वारा समाधान विकसित करने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन प्रो. गीता चौधरी(अध्यक्ष, IIC) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रश्नोत्तर सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के दौरान Design Thinking, Critical Thinking and Innovative Design विषय को राष्ट्रीय नवाचार एवं उद्यमिता पहलों से जोड़ते हुए प्रतिभागियों को भारत सरकार द्वारा उपलब्ध विभिन्न प्लेटफॉर्म्स की जानकारी प्रदान की गई।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न Grant Portal के बारे में भी जानकारी दी गई, जहाँ नवाचार, अनुसंधान एवं स्टार्टअप से संबंधित अनुदान (Grants) उपलब्ध कराए जाते हैं।
छात्राओं एवं शोधार्थियों को यह समझाया गया कि किस प्रकार इनोवेटिव डिज़ाइन प्रोजेक्टस को उपयुक्त ग्रांट स्कीम से जोड़कर वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सकती है। प्रतिभागियों को YUKTI Innovation Repository के बारे में अवगत कराया गया, जो नवाचार, स्टार्टअप विचारों एवं संस्थागत इनोवेशन गतिविधियों का एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
छात्राओं को अपने इनोवेटिव आइडियाज़ , प्रोटोटाइप्स एवं प्रॉब्लम -साल्विंग मॉडल्स को युक्ति पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उनके नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ . आशीष पाठक असिस्टेंट प्रोफेसर बी० एडo विभाग के द्वारा किया गया।
आयोजन समिति द्वारा प्राचार्या, मुख्य वक्ता डॉ . मौ आसिफ़ सिद्दीक़ी , IQAC समन्वयक प्रोफेसर लता कुमार, संकाय प्रभारी प्रोफेसर अनुजा गर्ग एवं सभी उपस्थित प्राध्यापकों डॉo भारती शर्मा, डा. पारूल मलिक , डॉ . शालिनी सिंह, डॉ . नीता सक्सेना , डॉ . आकांक्षा गुप्ता एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया ।

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