नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ,द्वितीय इकाई की छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय इंटर कॉलेज नूर नगर में शिविर के पांचवें दिन प्रथम सत्र में स्वयं सेविकाओं द्वारा मां सरस्वती के समक्ष वंदना की गई तत्पश्चात छात्राओं ने गायत्री मंत्र का वाचन किया तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के गीत को भी गया।
सप्त दिवसीय विशेष शिविर में आज का विषय "सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा"रहा । महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर (डॉक्टर) अंजु सिंह ने छात्रों का उत्साह वर्धन किया। प्रथम सत्र में कुमारी इकरा ,कुमारी हयात, कुमारी रुचिका सुभा,अक्षिता पूनिया ,अक्षिता, प्राची तान्या आदि छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों के बारे में जानकारी दी तथा हेलमेट पहनने की सलाह दी अगर दो पहिया वाहन चलाते हुए आप हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपके साथ कोई भी दुर्घटना हो सकती है अतः समस्त लोगों को सड़क के नियमों का पालन करना चाहिए तथा हेलमेट पहनना चाहिए।
द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना ,द्वितीय इकाई की कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर मोनिका चौधरी ने पौधों के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया ।प्रोफेसर मोनिका चौधरी नेश्री सुनील कुमार शर्मा, महासचिव, मिशिका समिति यातायात प्रशिक्षक मुख्य वक्ता के रूप में रहे। श्री सुनील कुमार शर्मा जी ने छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी ।शर्मा जी ने बताया कि जब हम सड़क पर होते हैं तो हम सिर्फ अपनी ही जिंदगी के लिए जिम्मेदार नहीं होते हैं बल्कि वह परिवार जिसे हम घर पर छोड़कर आते हैं वह भी हमारी जिम्मेदारी होती है तो हमें कोई भी वाहन चलाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि ना ही तो हम खुद को नुकसान पहुंचाएं और ना ही किसी और को नुकसान पहुंचाएं। शर्मा जी ने छात्राओं को ट्रैफिक सिग्नल्स के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि जब ग्रीन बत्ती होती है तो हमें क्या करना है ,लाल बत्ती का क्या महत्व है और पीली बत्ती का क्या महत्व है। उन्होंने यह भी बताया कि हरी बत्ती एक बार ,लाल बत्ती एक बार लेकिन जो पीली बत्ती है वह दो बार दिखाई जाती है जिसका अपना अलग महत्व होता है। श्री शर्मा जी ने छात्राओं को विभिन्न प्रकार की शायरी सुना कर भी उनके ध्यान को अपने बातों में लगाए रखा। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न प्रकार के संकेतों के बारे में भी जानकारी दी ।श्री शर्मा जी ने छात्राओं को हेलमेट के फायदे बताएं और यह भी बताया कि हेलमेट की फुल फॉर्म क्या होती है एच का मतलब हेड, ई का मतलब इयर, एल का मतलब लिप्स, एम का मतलब माउथ , ई का मतलब आई और टी का मतलब टीथ यानी हेलमेट हमारे चेहरे की जिसे हमारी आईडी भी कहा जाता है उसकी सुरक्षा करता है।
सुमित कुमार ,हेड कांस्टेबल , ट्रैफिक पुलिस जी जी ने बताया कि दुर्घटना के कारण चार नींद, नशा, मोबाइल फोन और तेज रफ्तार। सुमित कुमार जी ने बताया कि दुर्घटना का सबसे पहला कारण है नींद कभी-कभी हम रात को अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते हैं जिसकी वजह से जब हम सुबह बाहर अपने कार्य पर जाते हैं तो कई बार नींद आने के कारण दुर्घटना होने की संभावना रहती है ।
दूसरा कारण है नशा ,नशा इंसान के सोचने और समझने की शक्ति को खत्म कर देता है तो वह किसी भी वाहन को सही तरीके से नहीं चला सकता ।तीसरा कारण है तेज रफ्तार ,जब हम तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं तो कोई भी समस्या आने के बाद रफ्तार की रोकथाम करना मुश्किल हो जाता है और कई बार जब हम तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे होते हैं तो हम दिशा का भी ध्यान नहीं रख पाते और गलत जगह पर हमारी गाड़ी चली जाती है जिसके कारण दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ जाती है ।चौथा कारण है मोबाइल, फोन पर बात करते हैं तो ना चाहते हुए भी हमारा ध्यान फोन की बातों पर चला जाता है इसकी वजह से हम जो काम कर रहे थे वह काम सही तरीके से नहीं हो पता हम ठीक तरीके से गाड़ी नहीं चला पाते ।
सुमित कुमार ने सीट बेल्ट के फायदे के बारे में भी बताया सीट बेल्ट लगते हैं तो हमारी गाड़ी के सेंसर एक्टिवेट हो जाते हैं जिसकी वजह से जब अगर कोई दुर्घटना होती है तो हमारी गाड़ी के एयरबैग्स खुल जाते हैं जो हमें बचा लेते हैं। इसके पश्चात एनएसएस प्रभारी प्रोफेसर मोनिका चौधरी ने श्री सुनील कुमार जी का और श्री सुमित कुमार जी का धन्यवाद ज्ञापन किया। इसी क्रम में महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर लता कुमार ने छात्राओं को बताया कि स्वयंसेवी क्या है। स्वयं सेविका का मतलब क्या होता है । सेवा क्या है हम जब दूसरों के लिए काम करते हैं दूसरों की मदद करते हैं तो उसको हम कह सकते हैं स्वयं सेवा । आप सभी लोगों के लिए बहुत सारी समाज की जिम्मेदारी है दायित्व हैं आप इन दायित्वों का निर्माण करें दूसरे लोगों को भी जोड़ जो अच्छी बात है।
प्रो लता कुमार ने बताया कि आपने आज सीखा है सड़क सुरक्षा ये ज्ञान आप अपने घर में भी ले जाइए। अपने भाइयों को , पिताओं को और जो भी आपके घर में वाहन चलाते हैं , और पैदल चलने वालों को भी जरूरत होती है सड़क सुरक्षा के नियम को जानने की। ऐसा कई बार नहीं होता है कि जो व्यक्ति पार कर रहा होता है उसकी भी गलती होती है और जब तक व्यक्ति समझे तब तक वहां आगे निकल चुका होता है तो जिससे एक्सीडेंट होने की संभावना बढ़ जाती है। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर मोनिका चौधरी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर प्रोफेसर लता कुमार एवं डॉ नेहा सिंह की उपस्थिति सराहनीय रही।

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