नित्य संदेश ब्यूरो
उदयपुर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के छात्र और शोधार्थियों का एक शैक्षणिक टूर राजस्थान स्थित मेवाड़ राजवंश के उदयपुर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के भ्रमण हेतु उदयपुर पहुंचा।
उदयपुर के सिटी पैलेस स्थित मेवाड़ राजवंश के बप्पा रावल से लेकर वर्तमान में राणा लक्ष्यराज सिंह तक के गौरवशाली इतिहास को जाना और समझा। सिटी पैलेस स्थित विराट संग्रहालय के भ्रमण के समय भारत की मुगल काल और ब्रिटिश काल में प्रतिरोध को रेखांकित करते हुए ऐतिहासिक वस्तुओं को गहराई से समझा और जाना। इस अवसर पर उदयपुर स्थित महाराणा प्रताप गौरव केंद्र के शैक्षिक भ्रमण के समय महाराणा प्रताप के जीवन से संबंधित संघर्ष स्वतंत्रता के प्रति उनका सर्वोच्च बलिदान और उनके जीवन झांकी को डिजिटल माध्यम से विद्यार्थियों एवं सुधार्थियों ने नजदीक से जाना। हल्दीघाटी जैसे अनेक युद्धों के संबंध में नूतन जानकारी प्राप्त कर विद्यार्थी भावुक हो गए।
गुरुवार को यह शैक्षिक ग्रुप फतेहसागर लेक पहुंच और वहां मेवाड़ राजवंश की कुलदेवी मां अंबा के प्रकाश स्थल 1580 के आसपास प्रकट स्थल मां नीमच देवी मंदिर के दर्शन कर उसकी ऐतिहासिकता और स्थापत्य कला को जाना। इस अवसर पर नागर शैली के वास्तविक स्थापत्य कला का भेजो उदाहरण के रूप में उदयपुर स्थित जगदीश मंदिर की स्थापत्य कला के संबंध में विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा ने विस्तार से समझाया। इसके बाद सहेलियों की बड़ी बाजोर की हवेली वह गुलाब बाग जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इस अवसर पर इतिहास विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा, प्रो आराधना, प्रो ए वी कौर,डा कुलदीप कुमार त्यागी,डा योगेश कुमार,डा मनीषा शाहिद रवि शंकर आलोक अंकित मनप्रीत कौर विजयपाल विक्रांत अंकित हिमानी विद्यार्थियों में अंतिम मलिक अर्चिता कनिष्क प्रतिभा तुषार यश सलोनी तान्या कोमल दिव्यांशी सनी धीर, तरुण भावना राज प्रताप नितेश आदि सम्मिलित रहे।

No comments:
Post a Comment