नित्य संदेश ब्यूरो
रोहटा। शनिवार की देर रात हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट कर आए दो सगे भाइयों ने जमीनी विवाद को लेकर अपने ही चचेरे भाई के घर पर जाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिससे परिवार के लोगों ने मकान के अंदर घुसकर बमुश्किल जान बचाई। फायरिंग की आवाज सुनकर मोहल्ले में ही गश्त कर रही चौकी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर एक हमलावर को मय तमंचे के गिरफ्तार कर लिया। देर रात तक पुलिस दूसरे हमलावर की तलाश में जंगलों में कांबिंग कर रही थी। बता दे कि धर्मपाल सिंह और रतन सिंह दोनों एक ही दादा की औलाद हैं। धर्मपाल के दो पुत्र जितेंद्र व धर्मेंद्र गांव में हुई एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काटकर चार माह पूर्व ही जेल से बाहर आए हैं। उनके चाचा का लड़का योगेंद्र पुत्र रतन सिंह इकलौता है। दोनों परिवारों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। इस विवाद को लेकर शनिवार की देर रात 8:30 बजे के लगभग जितेंद्र व धर्मेंद्र अपने हाथों में हथियार लेकर योगेंद्र के घर पर जा धमके। जैसे ही योगेंद्र की पत्नी ने दरवाजा खोला। तो ये दोनों हथियारों को लहराते हुए जबरन अंदर घुस आए और गाली गलौज करने लगे। भयभीत योगेंद्र के परिजन मकान के अंदर कमरे में घुस गए, अंदर से कुंदी लगा ली। दोनो हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। परिवार के लोग भय के चलते घर के अंदर ही छिपे रहे। गोलियों की तड़तड़ाहट जैसे ही गांव में सुनाई पड़ी। तो पास ही गश्त के लिए निकले रोहटा चौकी इंचार्ज कौशल सिंह अपने साथी हमराह के साथ मौके की ओर दौड़े तो इन्हें सामने ही दोनो भाई गोलियां दागते हुए दिखाई पड़े।
पुलिस को अपनी ओर आता देख दोनो हमलावर मौके से दौड़ लिए। पुलिस कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर ही उनका पीछा कर एक हमलावर धर्मेंद्र को मय तमंचा के साथ धर दबोचा। उसका दूसरा भाई जितेंद्र मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस देर रात तक फरार हमलावर की तलाश में जंगलों में कांबिंग कर रही थी।
दोनो हमलावर पंद्रह साल पूर्व गांव में एक महिला की हत्या के आरोप में जेल गए थे। जिन्हें बाद में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। ये दोनों भाई चार माह पूर्व ही आजीवन कारावास की सजा काटकर जेल से बाहर आए थे। तभी से इनका अपने चचेरे भाई योगेन्द्र से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद को लेकर इन दोनों ने अपने चचेरे भाई के घर पर हमला बोला। लेकिन गनीमत ये रही कि पुलिस की गश्त भी उसी समय उसी मोहले में सक्रिय थी। पुलिस ने अपनी जान की परवाह किए बगैर ही तत्परता दिखाते हुए एक हमलावर को मौके पर घेर लिया।
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