नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ द्वारा जेंडर सेंसिटाइजेशन सेल के अंतर्गत “सुभारती डायरीज” श्रृंखला के तहत “शैक्षणिक संस्थानों में जेंडर सेंसिटाइजेशन” विषय पर एक जागरूकता आधारित एवं विचारोत्तेजक पॉडकास्ट का आयोजन किया गया।
इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक वातावरण में लैंगिक समानता, समावेशिता तथा सम्मानजनक वातावरण के निर्माण हेतु सार्थक संवाद को बढ़ावा देना था। पॉडकास्ट का संचालन बीएजेएमसी द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रियांशी भाटिया ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जेंडर सेंसिटाइजेशन के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि इसका अर्थ सभी जेंडर के व्यक्तियों के प्रति समानता, सम्मान और समझ का भाव विकसित करना है, ताकि विद्यालयों और महाविद्यालयों में लैंगिक आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सारिका अभय, चेयरपर्सन, जेंडर सेंसिटाइजेशन सेल, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय उपस्थित रहीं। उन्होंने जेंडर सेंसिटाइजेशन की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि यह जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थान प्रारंभिक स्तर से ही समानता, गरिमा और आपसी सम्मान के मूल्यों को विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। डॉ. अभय ने शैक्षणिक संस्थानों में देखे जाने वाले विभिन्न प्रकार के लैंगिक पूर्वाग्रह और भेदभाव—जैसे रूढ़िवादी सोच, अवसरों में असमानता तथा व्यवहारिक पक्षपात— पर भी चर्चा की। उन्होंने सुरक्षित एवं सहयोगात्मक परिसर वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी स्वयं को सम्मानित और सुरक्षित महसूस कर सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जेंडर सेंसिटाइजेशन केवल महिलाओं से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह सभी जेंडर के लिए समान अधिकार, जिम्मेदारियाँ और अवसर सुनिश्चित करने की सोच है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे व्यक्तिगत स्तर पर रूढ़ियों को चुनौती दें और सम्मानजनक व्यवहार को अपनाएँ। कार्यक्रम का समन्वयन असिस्टेंट प्रोफेसर शैली शर्मा द्वारा किया गया, जिनके मार्गदर्शन में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। असिस्टेंट प्रोफेसर राम प्रकाश तिवारी की भी कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति रही और उन्होंने आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। यह कार्यक्रम गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की एक सराहनीय शैक्षणिक पहल साबित हुआ, जिसने विद्यार्थियों में जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।

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