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Monday, February 16, 2026

एमएसडीई पवेलियन ने भारत के इन्क्लूसिव एआई विज़न में स्किलिंग को रखा मुख्य केंद्र



नित्य संदेश ब्यूरो

 मेरठ। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हो रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग ले रहा है। मंत्रालय ने एआई फॉर इनक्लूसिव डेवलपमेंट के विज़न पर केंद्रित एक खास पवेलियन स्थापित किया हैजिसमें भारत की एआई यात्रा के मुख्य केंद्र में स्किलिंग को रखा गया है।  जब यह समिट ग्लोबल लीडर्सपॉलिसीमेकर्स और टेक्नोलॉजी पायनियर्स को एक साथ ला रहा हैजिसे ग्लोबल साउथ में सबसे बड़े एआई के आयोजनों में से एक माना जा रहा हैकौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की भागीदारी इस बात को रेखांकित करती है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से आजीविकाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैन कि उन्हें विस्थापित करने के लिए। पवेलियन भारत मंडपम में बूथ नम्बर 3F 26 और 3F 20 पर स्थित होगा

भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा, ग्लोबल साउथ में एआई के सबसे बड़े समिट में से एक की मेजबानी करना यह दिखाता है कि हम एक ज़िम्मेदार और सबको साथ लेकर चलने वाले एआई फ्यूचर को बनाने का इरादा रखते हैं। यह ग्लोबल पार्टनर्स के साथ जुड़ने और यह दिखाने का एक शानदार मौका है कि भारत अपने युवाओं और वर्कफोर्स को एआई-रेडी स्किल्स से कैसे तैयार कर रहा हैजो सभी के लिए विकास और अवसर को बढ़ावा देते हैं।”

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय इस विज़न को एआई में स्किलिंग,एआई के साथ स्किलिंग और एआई के लिए स्किलिंग के आस-पास बने एक बड़े फ्रेमवर्क के ज़रिए एक्शन में बदलता है। एआई में स्किलिंगएसओएआर (स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस)एनएसक्यूएफ़-अलाइन्ड नई जॉब रोल्स और इंडस्ट्री के साथ पार्टनरशिप में दिए जाने वाले शॉर्ट-ड्यूरेशन नैनो-क्रेडेंशियल्स जैसी पहलों के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में फाउंडेशनल और एडवांस्ड दक्षता बनाने पर फोकस करती है। पैवेलियन में आने वाले विज़िटर्स माइक्रो-लर्निंग मॉड्यूललाइव डैशबोर्ड और इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन का अनुभव करते हैं जो दिखाते हैं कि कैसे एआई साक्षरता को हर उम्र और बैकग्राउंड में लोकतांत्रिक बनाया जा सकता हैजिससे लर्नर्स एआई-इनेबल्ड करियर की ओर सहजता से अग्रसर हो सकें।

एआई के साथ स्किलिंग यह दिखाती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे कौशल विकास की डिलीवरी और गवर्नेंस को बदल रहा है। स्किल इंडिया असिस्टेंट (एसआईए) जैसे एआई-पावर्ड सिस्टमसीखने वालों को उनकी योग्यता और रुचियों के अनुरूप करियर मार्गदर्शन प्रदान करते हैंजबकि स्किल इंडिया डिजिटल हब के साथ जुड़े रिकमेंडेशन इंजन अलग-अलग सेक्टर में कोर्स के सुझावों को पर्सनलाइज़ करते हैं। एआई-इनेबल्ड मॉनिटरिंग और असेसमेंट टूलजिसमें कंप्यूटर विज़न-बेस्ड प्रैक्टिकल इवैल्यूएशन शामिल हैंदिखाते हैं कि टेक्नोलॉजी स्किल सर्टिफिकेशन में ट्रांसपेरेंसीएफिशिएंसी और क्रेडिबिलिटी कैसे बढ़ा सकती है। ये इनोवेशन मिलकर दिखाते हैं कि एआई को स्किलिंग इकोसिस्टम में कैसे शामिल किया जा रहा है ताकि नतीजेपहुंच और क्वालिटी बेहतर हो सके।

एआई के लिए स्किलिंग एक ऐसी इकॉनमी में वर्कफोर्स की तैयारी को दिखाता है जहाँ एआई प्रोडक्टिविटी को तेज़ी से बढ़ा रहा है। गेम वाले डेमोंस्ट्रेशन और असल ज़िंदगी के लोगों के ज़रिएपैवेलियन दिखाता है कि किसान एआई से चलने वाले एडवाइज़री सिस्टम का फ़ायदा कैसे उठा सकते हैंइलेक्ट्रीशियन एआई वाले एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके खराबी का पता कैसे लगा सकते हैंकंस्ट्रक्शन वर्कर साइट पर कई भाषाओं वाले एआई लर्निंग सपोर्ट का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैंऔर बुनकर एआई टूल्स का इस्तेमाल करके कस्टमाइज़्ड डिज़ाइन को क्रिएट कर सकते हैं। ये उदाहरण इस बात को पक्का करते हैं कि एआई सिर्फ़ कोडर या बड़ी कंपनियों तक ही सीमित नहीं हैयह भारत के इनफ़ॉर्मल और ब्लू-कॉलर वर्कफ़ोर्स की प्रोडक्टिविटी और आय भी बढ़ा सकता है।

जयन्त चौधरी 17 फरवरी को कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के पवेलियन का दौरा करेंगेजहाँ वे इंस्टॉलेशन का रिव्यू करेंगेयुवा प्रतिभागियों से संवाद करेंगे और एआई-इनेबल्ड स्किलिंग सॉल्यूशंस प्रस्तुत कर रहे हितधारकों से बातचीत करेंगे। समिट के इतरमाननीय मंत्री एआई स्किलिंग और डिजिटल इन्क्लूजन के क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्सशिक्षाविदों और उद्योग साझेदारों के साथ विभिन्न बैठकों और संवादों में भाग लेंगे।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अपनी भागीदारी के माध्यम सेकौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है कि भारत का एआई ट्रांसफार्मेशन मानव-केंद्रितसमावेशी और रोजगार-उन्मुख होजो एक विकसित भारत के निर्माण के व्यापक दृष्टिकोण के साथ संरेखित होजहां टेक्नोलॉजी अवसर का विस्तार करे और देश के जनसांख्यिकीय लाभांश को मजबूत करे।

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