नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ द्वारा राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन के अंतर्गत राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान, नागपुर के सहयोग से “बौद्धिक संपदा अधिकार– पेटेंट एवं डिज़ाइन फाइलिंग” विषय पर एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. निशा सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रबंधन एवं वाणिज्य संकाय, एसवीएसयू द्वारा औपचारिक स्वागत एवं परिचयात्मक उद्बोधन के साथ हुआ। यह कार्यशाला प्रोफेसर डॉ. वैभव गोयल भारतीय, अधिष्ठाता – अनुसंधान एवं विकास, एसवीएसयू के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिनका निरंतर सहयोग विश्वविद्यालय में अनुसंधान एवं नवाचार पहलों को सुदृढ़ करता है। कार्यशाला का समग्र समन्वय डॉ. निशा राणा, प्रभारी, आईपीआर प्रकोष्ठ द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यशाला के संपूर्ण आयोजन एवं संचालन का कुशलतापूर्वक प्रबंधन एवं संचालन किया। कार्यशाला माननीय कुलपति महोदय एवं आदरणीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी महोदया, प्रोफेसर (डॉ.) शाल्य राज के प्रेरणादायी नेतृत्व से संपन्न हुई। उनका प्रोत्साहन एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा शोध-आधारित विकास के प्रति समर्पण विश्वविद्यालय में इस प्रकार की गतिविधियों को निरंतर प्रेरित करता है।
सत्र के संसाधन व्यक्ति श्री कुमार राजू, सहायक नियंत्रक, पेटेंट एवं डिज़ाइन, आर.जी.एन.आई.आई.पी.एम, नागपुर रहे। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों की मूलभूत अवधारणाओं, पेटेंट एवं डिज़ाइन फाइलिंग की विस्तृत प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ों तथा नवाचारों के संरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं सुव्यवस्थित प्रस्तुति दी। उनकी स्पष्ट व्याख्या, वास्तविक उदाहरणों तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों के धैर्यपूर्वक उत्तर देने की शैली ने सत्र को अत्यंत प्रभावशाली एवं संवादात्मक बनाया। कार्यशाला को प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। संकाय सदस्यों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सत्र की स्पष्टता, व्यावहारिक मार्गदर्शन तथा फाइलिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी की सराहना की। अनेक प्रतिभागियों ने व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से उन्हें आईपीआर तंत्र की बेहतर समझ प्राप्त हुई तथा वे अपने शोध कार्य हेतु पेटेंट एवं डिज़ाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित हुए।
सत्र के उपरांत प्रश्नोत्तर का एक संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर डॉ. वैभव गोयल भारतीय, अधिष्ठाता – अनुसंधान एवं विकास द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने श्री कुमार राजू के बहुमूल्य समय एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया, साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन के अंतर्गत राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के सतत समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। यह कार्यशाला स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में नवाचार संस्कृति, बौद्धिक संपदा जागरूकता एवं शोध उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।

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